रात को गायब हो जा रही है बिजली: बूढ़े, बच्चे और महिलाएं हो रहे हैं परेशान

आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,

रात को गायब हो जा रही है बिजली: बूढ़े, बच्चे और महिलाएं हो रहे हैं परेशान

जौनपुर। रोज रात को बिजली गायब हो जा रही है। रात 8 बजे के बाद बिजली का आना-जाना लगा रहता है, जिससे आम आदमी बुरी तरह से त्रस्त हो गया है। कभी लोकल फाल्ट के नाम पर तो कभी ओवरलोडिंग का हवाला देकर बिजली का जाना रोज का नियम बन गया है। इस तगड़ी धूप और उमस भरी गर्मी में रात की अघोषित कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। दिनभर की थकान के बाद जब लोग सुकून की नींद सोने की उम्मीद करते हैं, तभी बत्ती गुल हो जाती है।
नगर के ओलंदगंज, शास्त्रीनगर, पॉलिटेक्निक चौराहा, नईगंज, उमरपुर, मंडी अहमद खां, सिटी स्टेशन, सिपाह, रासमंडल, सब्जीमंडी, भंडारी और बड़ी मस्जिद समेत हर जगह का यही हाल है।
भीषण गर्मी में जागकर कट रही रातें
तापमान का पारा चढ़ने के साथ ही बिजली की मांग बढ़ गई है, लेकिन आपूर्ति का ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। अघोषित कटौती के कारण सबसे ज्यादा परेशानी नवजात बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को हो रही है। उमस के कारण घरों के भीतर दम घुटने जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे मजबूरन लोगों को छतों पर या सड़कों पर टहलकर रात काटनी पड़ रही है। नींद पूरी न होने से बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों की सेहत पर इसका सीधा असर दिख रहा है।
लोकल फॉल्ट और ओवरलोडिंग का बहाना
जब भी इस समस्या को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों या कंट्रोल रूम में फोन किया जाता है, तो अमूमन एक ही रटा-रटाया जवाब मिलता है—”ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफार्मर गर्म हो गया है” या “कहीं लोकल फॉल्ट हो गया है, टीम काम कर रही है।” उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग हर साल गर्मी से निपटने और निर्बाध आपूर्ति के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन जमीन पर तार टूटने और फ्यूज उड़ने की समस्या जस की तस बनी हुई है।
व्यापार भी हुआ चौपट
रात के समय बाजार गुलजार होने के वक्त ही बिजली गुल होने से ओलंदगंज, रासमंडल और सब्जीमंडी जैसे प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों के दुकानदार भी बेहद आक्रोशित हैं। लगातार कई घंटों की कटौती के आगे दुकानों के इन्वर्टर और जेनरेटर भी जवाब दे रहे हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियां ठप होने की कगार पर पहुंच गई हैं। ग्राहक दुकानों से बिना खरीदारी किए ही लौट रहे हैं।
जनता में पनप रहा है भारी आक्रोश
नगरवासियों का कहना है कि उन्हें इस तरह की नारकीय स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

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