आलोक वर्मा जौनपुर ब्यूरो,
बॉम्बे हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी के बाद एक्शन में FDA: हाईकोर्ट की कैंटीनों पर ही मार दिया छापा; 2 कैंटीन बंद, कॉकरोच और अस्वच्छता मिली
मुंबई:
कानून सबके लिए बराबर है—इस सिद्धांत को महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने पूरी शिद्दत से साबित कर दिखाया है। बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा निजी संस्थानों के खिलाफ हो रही कार्रवाई पर सवाल उठाने और सरकारी कैंटीनों की जांच के निर्देश देने के तुरंत बाद, FDA ने किसी और परिसर में नहीं, बल्कि स्वयं हाईकोर्ट के अंदर चल रही कैंटीनों पर अचानक छापा मार दिया। इस कार्रवाई से खुद हाईकोर्ट प्रशासन हैरान रह गया।
हाईकोर्ट ने पूछा था सवाल
जुलाई 2026 के अंत में एक निजी होटल के लाइसेंस निलंबन से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखड़ की पीठ ने FDA की मंशा पर सवाल उठाए थे। पीठ ने सख्त लहजे में कहा था कि कार्रवाई केवल निजी रेस्तरां और होटलों तक ही सीमित क्यों है? कानून का पालन मंत्रालय, विधान भवन और सरकारी परिसरों की कैंटीनों में भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
छापे में सामने आई बड़ी कमियां
कोर्ट की इस टिप्पणी को आधार बनाते हुए वर्ष 2005 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी और FDA आयुक्त तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में टीम ने हाईकोर्ट परिसर की तीन कैंटीनों की जांच की। जांच के दौरान बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
तीन में से दो कैंटीनों में भारी गंदगी, अस्वच्छता, कॉकरोच और कीड़े पाए गए।
हाईकोर्ट की एक कैंटीन तो बिना किसी वैध FSSAI लाइसेंस के ही संचालित की जा रही थी।
तत्काल प्रभाव से कैंटीन बंद करने के आदेश
स्वास्थ्य मानकों का गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर FDA ने बिना किसी दबाव के कठोर कदम उठाते हुए हाईकोर्ट की दो कैंटीनों को तुरंत प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी कर दिया है।
गौरतलब है कि मई 2026 में FDA आयुक्त का पद संभालने के बाद से ही आईएएस तुकाराम मुंडे राज्यभर में मिलावटखोरों और अस्वच्छ खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए हैं। इस नई कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का पालन कराने के मामले में कानून के रक्षकों को भी कोई छूट नहीं मिलेगी।