IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II


Alok Vajpeyee (Astrologer),
🕉 चलत्कुण्डलं भ्रूसुनेत्रं विशालं
प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम् ।
मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं
प्रियं शङ्करं सर्वनाथं भजामि
अर्थात-: जिनके कानों में कुंडल हैं, जिनकी सुन्दर भौंहें और बड़ी-बड़ी आँखे हैं जिनके चेहरे पर सुख का भाव हैं जिनके कंठ में विष का वास हैं जो दयालु हैं, जिनके वस्त्र शेर की खाल हैं, जिनके गले में मुंड की माला हैं ऐसे प्रिय शंकर पूरे संसार के नाथ हैं उनको मैं पूजता हूँ |
🙏🙏🌱🌹
🙌🙌🙌 हर हर महादेव 🙌🙌🙌
🕉 जय माता की 🙏🙏 🙏🙏🌱🌹
IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II
🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹
विक्रम संवत 2083
संवत्सर नाम -: रौद्र
संवत्सर राजा-: गुरु
संवत्सर मंत्री-: मंगल
🌕सूर्य उत्तरायण, ऋतु-: वर्षा
सूर्य उदय : प्रातः 5/48
सूर्य अस्त : सायं 7/06
📺 श्रावण मास कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि
अंग्रेजी दिनांक-: 4/8/2026
दिन-: मंगलवार
🌕 चंद्रमा-: मीन राशि में रात्रि 9/54 तक उसके बाद मेष राशि में
🥳राशि स्वामी-: गुरु/मंगल
🌱 आज का नक्षत्र – रेवती रात्रि 9/54 तक उसके बाद अश्विनी
💓 नक्षत्र स्वामी – : शनि/बुद्ध
✨️ चंद्रमा का नक्षत्र चरणों में प्रवेश काल
प्रात: 9/58 से रेवती नक्षत्र चरण 3 में
दोपहर 3/56 से रेवती नक्षत्र चरण 4 में
रात्रि 9/54 से अश्विनी नक्षत्र चरण 1 में
रात्रि 3/45 से अश्विनी नक्षत्र चरण 2 में
आज का करण और योग आदि
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🪐 करण-: प्रात: 10/30 तक गर-: गर करण में जन्मे लोग कर्तव्यनिष्ठ होते हैं। वे अपनी योग्यता में विश्वास रखते हैं, भाग्य में नहीं। वे कड़ी मेहनत और प्रयास से अपने इच्छित लक्ष्य को प्राप्त करते हैं।
उसके बाद विष्टी-: विष्टि करण को शुभ नहीं माना जाता है। यह करण व्यक्ति पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, जिसके कारण जातक का स्वभाव अविश्वासी हो सकता है। वे अनैतिक कार्यों में लिप्त हो सकते हैं। विष्टि करण को भद्रा करण भी कहा जाता है और सभी शुभ कार्यों में इससे बचना चाहिए। हालांकि, विष्टि या भद्रा करण विनाशकारी कार्यों के लिए उपयुक्त है, जैसे शत्रु पर हमला करना, किसी की हत्या करना, जहर देना, अपहरण करना, तांडिव कृत्यों से नुकसान पहुंचाना आदि।
🔥 योग-: सायं 6/34 तक धृति -: यह एक अत्यंत शुभ योग है, जमीन जायदाद, भवन निर्माण के लिये शुभ, लंबी बीमारी के इलाज आदि के लिए शुभ
🪴 आज के भद्रा, पंचक, त्यौहार आदि
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रात्रि 9/54 से पंचक समाप्त
आज की शुभ दिशा -: दक्षिण-पूर्व
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♻️ दिशा शूल-: उत्तर दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर गुड खाकर प्रस्थान करें
आज की ग्रह स्थिति -:
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🌷सूर्य -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र) आश्लेषा नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
🛑मंगल -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) मृगशिरा नक्षत्र चरण चरण 3 (नक्षत्र स्वामी मंगल)
🌱 बुद्ध -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🌕गुरु (अस्त) -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र) पुष्य नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
💃 शुक्र -: शुक्र कन्या राशि (राशि स्वामी बुद्ध) उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी सूर्य) दोपहर 3/09 से चरण 3 में
🌊 शनि वक्री-: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु) रेवती नक्षत्र चरण 2 में( नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
🎥 राहु-: कुंभ (राशि राशि स्वामी शनि) धनिष्ठा नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी मंगल)
🛐केतु-: सिंह राशि( राशि स्वामी सूर्य) मघा नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी केतु)
🤬राहु काल -: दोपहर 3/00 से 4/30 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य प्रारंभ न करें
प्रात: 6/44 तक कर्क
9/03 तक सिंह
11/19 तक कन्या
दोपहर 1/38 तक तुला
सायं 3/57 तक वृश्चिक
6/01 तक धनु
7/43 तक मकर
9/11 तक मकर
10/35 तक कुम्भ
12/11 तक मीन
ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ
पंडित आलोक बाजपेयी