आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,

स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा जौनपुर सिटी स्टेशन, पीक सीजन में यात्रियों की बढ़ीं मुश्किलें
जौनपुर। भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त ग्रीष्मकालीन सीजन में जिला मुख्यालय का प्रमुख रेलवे स्टेशन जौनपुर सिटी गंभीर स्टाफ संकट से जूझ रहा है। वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों के स्थानांतरण के बाद उनके स्थान पर नए कर्मचारियों की तैनाती न होने से टिकट बुकिंग व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर यात्रियों की सुविधाओं पर पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार वार्षिक स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत अप्रैल 2026 में बुकिंग कार्यालय से कई कर्मचारियों का तबादला कर उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया, लेकिन उनके स्थान पर अब तक किसी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की गई। परिणामस्वरूप स्टेशन के बुकिंग कार्यालय में स्वीकृत आठ पदों के सापेक्ष केवल तीन कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इनमें बुकिंग कार्यालय के छह और पीआरएस (पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम) के दो पद स्वीकृत हैं।
जौनपुर सिटी स्टेशन जिले का प्रमुख रेलवे स्टेशन है, जहां प्रतिदिन लगभग दो हजार यात्रियों का आवागमन होता है तथा करीब दो लाख रुपये का दैनिक राजस्व प्राप्त होता है। यही नहीं, यह स्टेशन जिले को देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनों का प्रमुख पड़ाव भी है। सटल एक्सप्रेस, बेगमपुरा एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस और महामना एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान के समय यहां यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ती है।
स्टाफ की कमी के कारण टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें लग रही हैं। यात्रियों को टिकट लेने, आरक्षण संबंधी जानकारी प्राप्त करने और अन्य वाणिज्यिक सेवाओं के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई बार भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में भी कर्मचारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय यात्रियों और रेल उपभोक्ताओं का कहना है कि पीक सीजन में जब यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे समय में कर्मचारियों की कमी यात्रियों की परेशानी का बड़ा कारण बन गई है। उन्होंने रेल प्रशासन से तत्काल रिक्त पदों पर कर्मचारियों की तैनाती कर स्टेशन की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने की मांग की है।
रेल यात्रियों का मानना है कि यदि शीघ्र ही पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था नहीं की गई तो आगामी दिनों में भीड़ बढ़ने के साथ समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं, जिससे यात्रियों को और अधिक असुविधा का सामना करना पड़ेगा।