आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,
जौनपुर ITI परीक्षा विवाद: SDM की जांच के बाद भी उठे गंभीर सवाल – 4 करोड़ की कथित अवैध वसूली और 25 फर्जी संस्थाओं के मामले में मुख्यमंत्री व DM जौनपुर से उच्च स्तरीय जांच की मांग
जौनपुर जिले में संचालित हो रही औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) की कंप्यूटर आधारित (CBT) परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता पर खड़े हुए गंभीर सवाल थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। परीक्षाओं में कथित प्रशासनिक शिथिलता, नियमों की अनदेखी और संगठित भ्रष्टाचार के लग रहे संगीन आरोपों के बीच यह मामला अब सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी (DM) जौनपुर के दरबार में पहुंच गया है।
हाल ही में प्रशासनिक हलचल के तहत उपजिलाधिकारी (SDM सदर) द्वारा सिद्दीकपुर स्थित राजकीय परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर जांच व औचक निरीक्षण किया गया था। हालांकि, जागरूक नागरिकों, छात्र प्रतिनिधियों और शिकायतकर्ताओं का कहना है कि SDM के एक तात्कालिक और सामान्य निरीक्षण से पूरे जनपद में चल रहे गंभीर सवालों का पारदर्शी समाधान नहीं होता।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जनपद में लगभग 20,000 परीक्षार्थी सीबीटी (CBT) परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, जहां प्रयोगात्मक व ऑनलाइन परीक्षाओं में अनुचित लाभ देने और उत्तीर्ण कराने के नाम पर प्रति छात्र ₹2,000 तक की कथित अवैध मांग का सिंडिकेट सक्रिय है, जिससे कुल ₹4 करोड़ की कथित धन उगाही का खेल चल रहा है। इसके अतिरिक्त, जिले में पंजीकृत 125 निजी ITI संस्थानों में से लगभग 25 संस्थानों के धरातल पर भौतिक रूप से क्रियाशील न होने और केवल कागजों पर संचालित होने का दावा किया जा रहा है। इन सभी संगीन आरोपों और नोडल प्रबंधन की भूमिका को लेकर जब नोडल प्रधानाचार्य मनीष पाल से उनका आधिकारिक पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने इस पर कोई भी प्रतिक्रिया न देते हुए पूरी तरह चुप्पी साधे रखी।
मामले की संवेदनशीलता और हजारों युवाओं के भविष्य को देखते हुए शासन और प्रशासन से कड़े कानूनी कदम उठाने की मांग की गई है। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्राविधिक शिक्षा विभाग में चल रहे इस कथित भ्रष्टाचार और बिना भौतिक अस्तित्व वाले फर्जी 25 ITI कॉलेजों के खिलाफ विजिलेंस या विशेष जांच दल (SIT) से निष्पक्ष जांच कराने की अपील की गई है। साथ ही, जिलाधिकारी (DM) जौनपुर से शाहगंज, सिद्दीकपुर और उसरांव (मड़ियाहूं) परीक्षा केंद्रों की पिछले एक माह की संपूर्ण सीसीटीवी फुटेज को तत्काल अपनी अभिरक्षा में लेकर उसकी फोरेंसिक जांच कराने, जिले के सभी पंजीकृत 125 निजी ITI कॉलेजों का टास्क फोर्स का गठन कर भौतिक सत्यापन कराने और विभिन्न थानों में दर्ज कराई गई लिखित शिकायतों/तहरीरों के आधार पर निष्पक्ष पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।