ITI में नकल कराने वाला गिरोह सक्रिय, प्रिंसिपल मनीष पाल पर लग रहे संगीन आरोप; शिकायतकर्ताओं का दावा—प्रिंसिपल ही सिंडिकेट की मुख्य जड़, जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का

आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,

 

 

ITI में नकल कराने वाला गिरोह सक्रिय, प्रिंसिपल मनीष पाल पर लग रहे संगीन आरोप; शिकायतकर्ताओं का दावा—प्रिंसिपल ही सिंडिकेट की मुख्य जड़, जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का

जौनपुर। जौनपुर जिले में संचालित हो रहे औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) की कंप्यूटर आधारित (CBT) परीक्षाओं की पारदर्शिता और वैधानिक प्रक्रिया पर खड़े हुए गंभीर सवाल थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। परीक्षाओं में कथित प्रशासनिक शिथिलता, नियमों की अनदेखी और संगठित भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों के बीच यह मामला अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी (DM) जौनपुर के समक्ष प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई हेतु प्रस्तुत किया गया है।
यद्यपि हाल ही में उपजिलाधिकारी (SDM सदर) द्वारा परीक्षा केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया था और सब कुछ सुव्यवस्थित होने का दावा किया गया, परंतु पीड़ित पक्ष और शिकायतकर्ताओं का कहना है कि एक तात्कालिक और दिखावटी निरीक्षण से पूरे जनपद में चल रहे इतने बड़े सिंडिकेट पर पर्दा नहीं डाला जा सकता। शिकायतकर्ताओं ने SDM सदर की भूमिका और उनके द्वारा दिए गए ‘क्लीन चिट’ नुमा निरीक्षण की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की लीपापोती या अनदेखी तो नहीं की जा रही है।
इस पूरे प्रकरण में सबसे गंभीर और आपराधिक मोड़ शाहगंज ITI के स्टोर कीपर मेवालाल द्वारा थानाध्यक्ष पवई (आजमगढ़) को दी गई लिखित तहरीर (दिनांक 18/07/2026) से सामने आया है। तहरीर के अनुसार, शाम लगभग 8:00 बजे इंडियन आयल पेट्रोल पंप के सामने अंकुर दूबे के मकान स्थित ऑफिस में बैठे मेवालाल को जबरन विटारा ब्रेज़ा कार (नंबर UP 62 BF 0880) में बिठाया गया। आरोप है कि नोडल प्रधानाचार्य मनीष कुमार के कहने पर कार के अंदर फोन से बात कराने के दौरान गाली-गलौज व जान से मारने की नीयत से प्रताड़ित किया गया। साथ ही मोबाइल छीनने और निजी डेटा से छेड़छाड़ का प्रयास करते हुए गाड़ी को अयोध्या रोड कलान चौराहा से 1 किलोमीटर तक घुमाकर गुमराह किया गया। तहरीर में सुरेंद्र कुमार (ड्राइवर/शिक्षक), अमित श्रीवास्तव, सौरभ कुशवाहा, राकेश पाल तथा नोडल प्रधानाचार्य मनीष कुमार को नामजद करते हुए उनके मोबाइल नंबरों सहित शिकायत दर्ज कराई गई है।
इसके साथ ही शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जनपद में लगभग 20,000 परीक्षार्थी सीबीटी परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं, जहां प्रयोगात्मक व ऑनलाइन परीक्षाओं में अनुचित लाभ पहुँचाने के एवज में प्रति छात्र ₹2,000 की कथित अवैध मांग का सिंडिकेट सक्रिय है, जो कुल ₹4 करोड़ की कथित वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है। इसके अतिरिक्त, जिले में पंजीकृत 125 निजी ITI संस्थानों में से लगभग 25 संस्थानों के धरातल पर भौतिक रूप से क्रियाशील न होने और केवल कागजों पर संचालित होने का दावा किया गया है, जो सीधे तौर पर नियमों के उल्लंघन और संस्थागत धोखाधड़ी का विषय है। इन तमाम संगीन आरोपों और नोडल प्रबंधन की भूमिका को लेकर जब नोडल प्रधानाचार्य मनीष पाल से उनका आधिकारिक पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया न देते हुए पूरी तरह चुप्पी साधे रखी।
मामले की संवेदनशीलता, प्रशासनिक शुचिता और हजारों छात्रों के भविष्य को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) जौनपुर से उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग की गई है। इस बाबत जिला प्रशासन से मांग की गई है कि शाहगंज ITI के स्टोर कीपर मेवालाल द्वारा पवई थाने में दी गई नामजद तहरीर व ब्रेज़ा कार (UP 62 BF 0880) के साक्ष्यों के आधार पर सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। साथ ही, SDM की निरीक्षण रिपोर्ट और भूमिका की भी जांच हो, नोडल प्रधानाचार्य मनीष पाल, सौरभ कुशवाहा व अन्य संलिप्त कर्मियों की भूमिका की गहराई से जांच हो, शाहगंज, सिद्दीकपुर और उसरांव परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज जब्त की जाए तथा 125 निजी ITI कॉलेजों का टास्क फोर्स से भौतिक सत्यापन कराकर फर्जी पाए जाने वाले संस्थानों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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