IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

🕉 अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं।
दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्॥
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं।
रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥

अर्थ:
मैं उन पवन पुत्र को प्रणाम करता हूं, जो अथाह शक्ति के स्वामी हैं। जो सोने के पहाड़ की तरह चमकने वाले शरीर, दानव जाति के जंगल को भस्म करने के लिए अग्नि के समान, बुद्धिमानों में सबसे प्रमुख और सभी गुणों को धारण करने वाले हैं और जो प्रभु श्री राम के सबसे प्रिय भक्त हैं।
🙏🙏🌱🌹
🙌🙌🙌 जय जय श्री राधे 🙌🙌🙌🙌

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹

विक्रम संवत 2082
संवत्सर नाम -: सिद्धार्थी
संवत्सर राजा-: सूर्य
संवत्सर मंत्री-: सूर्य
🌕सूर्य दक्षिणायण, ऋतु-: वर्षा
सूर्य उदय : प्रातः 5/58
सूर्य अस्त : सायं 6/50
📺 भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि

अंग्रेजी दिनांक-: 23/8/2025

दिन-: शनिवार

🌕 चंद्रमा-: सिंह राशि में
🥳राशि स्वामी-: सूर्य

🌱 आज का नक्षत्र -: मघा
💓 नक्षत्र स्वामी – : केतु

✨️ चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश-:
प्रात: 6/26 से मघा नक्षत्र चरण 2 में
दोपहर 12/36 से मघा नक्षत्र चरण 3 में
सायं 6/45 से मघा नक्षत्र चरण 4 में
रात्रि 12/55 से पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 1 में

🔥 योग-: दोपहर 1/19 तक परिघ योग-: यह एक अशुभ योग है इसमें कोई भी शुभ कार्य करने से रुकावटें आती हैं

दोपहर 1/20 से शिव योग-: अत्यन्त शुभ योग है

 

आज के मुख्य पर्व/भद्रा/पंचक/गन्डमूल आदि
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🪴-: गन्डमूल रात्रि 12/55 तक, भाद्रपद अमावस्या, कुशोत्पाटिनी अमावस्या-: आज के दिन धार्मिक कार्यों के लिये कुशा एकत्रित किए जाते हैं। इसलिए इसे कुशग्रहणी अमावस्या ही कहा जाता है। शनैश्चरी अमावस्या, पितृ तर्पण

♻️आज की शुभ दिशा -: दक्षिण,पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम
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♻️ दिशा शूल -: पूर्व दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर अदरक और उड़द खाकर प्रस्थान करें

आज की ग्रह स्थिति -:
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🌷सूर्य -: सिंह राशि (राशि स्वामी सूर्य) मघा नक्षत्र चरण 2 में ( नक्षत्र स्वामी केतु) रात्रि 12/03 से चरण 3 में

🛑मंगल -: कन्या राशि (राशि स्वामी बुद्ध) हस्त नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी चंद्र)

🌱 बुद्ध -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र) आश्लेषा चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
🌕गुरु -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 1 में ( नक्षत्र स्वामी गुरु)
💃 शुक्र -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 4 में ( नक्षत्र स्वामी गुरु) रात्रि 8/36 से पुष्य नक्षत्र चरण 1 में ( नक्षत्र स्वामी शनि)
🌊 शनि(वक्री) -: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु)उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में(नक्षत्र स्वामी शनि)
🎥 राहु-: कुंभ (राशि राशि स्वामी शनि)पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🛐केतु-: सिंह राशि( राशि स्वामी सूर्य) पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शुक्र)

🤬राहु काल -: प्रात: 9/00 से 10/30 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य न करें

दैनिक लग्न सारणी -:
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प्रात-: 5/31 तक कर्क
7/50 तक सिंह
10/05 तक कन्या
दोपहर 12/23 तक तुला
2/42 तक वृश्चिक
सायं 4/42 तक धनु
6/21 तक मकर
सायं 7/57 तक कुम्भ
रात्रि 9/21 तक मीन
10/57 तक मेष
12/52 तक वृष

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