आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,
जौनपुर ITI परीक्षा घोटाला: नकल के पैसों के बंटवारे को लेकर अध्यापकों में हुआ विवाद, पुलिस बुलाई गई
जौनपुर। जनपद में आईटीआई परीक्षाओं के दौरान चल रहे कथित अवैध उगाही और सामूहिक नकल के खेल में अब एक नया और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। सिद्दीकपुर स्थित राजकीय नोडल आईटीआई कॉलेज सहित शाहगंज और उसरांव (मड़ियाहूं) परीक्षा केंद्रों पर पैसे लेकर सामूहिक नकल कराने तथा 2000 रुपये प्रति छात्र अवैध वसूली के संगीन आरोपों के बीच, अब संस्थान के भीतर ही पैसों के बंटवारे को लेकर खींचतान सरेआम होने लगी है।
नकल के पैसों को लेकर अध्यापकों में विवाद, बुलानी पड़ी पुलिस
प्राप्त सूत्रों और स्थानीय स्तर पर सामने आ रहे तथ्यों के अनुसार, हाल ही में सिद्दीकपुर आईटीआई स्कूल परिसर में परीक्षा के दौरान एकत्र किए गए कथित अवैध पैसों के बंटवारे और हिस्सेदारी को लेकर अध्यापकों के बीच तीखी बहस और विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिस तक बुलानी पड़ गई। हालांकि, मामला सार्वजनिक होने और प्रशासनिक फजीहत से बचने के लिए नोडल प्रधानाचार्य मनीष पाल ने हस्तक्षेप करते हुए किसी तरह बीच-बचाव कर मामले को अंदर ही अंदर सुलटा दिया। इस घटना ने संस्थान के भीतर चल रहे कथित अवैध सिंडिकेट और उसमें शामिल अंदरूनी कड़ियों को पूरी तरह उजागर कर दिया है।
नोडल अधिकारी की भूमिका पर गहराता संशय
सिद्दीकपुर आईटीआई के प्रधानाचार्य और जिले के नोडल अधिकारी मनीष पाल पर पूर्व से ही अपने पसंदीदा प्रभारियों की तैनाती करने और व्यवस्था को अपने अनुकूल संचालित करने के आरोप लग रहे हैं। जिस प्रकार से परीक्षा के दौरान अध्यापकों के बीच हुए विवाद को दबाया गया और प्रशासनिक ढील दी गई, उससे यह साफ हो जाता है कि नकल कराने वाले गिरोह की क्षमता इतनी ज्यादा है कि वह पूरी व्यवस्था को मनमाने ढंग से संचालित कर रहा है।
(नोट: यह रिपोर्ट प्राप्त शिकायतों, सूत्रों से मिली जानकारी और प्रशासनिक घटनाक्रमों पर आधारित है। मामले में नोडल प्रबंधन व संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक पक्ष का सदैव स्वागत है।)