आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,

आईजीआरएस समीक्षा बैठक: कागजों पर जिलाधिकारी के कड़े निर्देश, पर ज़मीनी हकीकत जस की तस
21 जुलाई 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण को लेकर समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
बैठक में जिलाधिकारी के निर्देश:
समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण: जिलाधिकारी ने विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त ताकीद की कि हर शिकायत का समय पर और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही या खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भूमि विवादों पर संयुक्त कार्रवाई: ज़मीन से जुड़े मामलों के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर जाकर निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, ताकि विवादों का स्थायी समाधान हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
न्यायालयी आदेशों का अनुपालन: माननीय न्यायालयों द्वारा पारित आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन कराने की बात कही गई। इस बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), सभी उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
कागज़ी दावों के बीच ज़मीनी हकीकत:
एक तरफ जहाँ बैठकों में कड़े निर्देश दिए जा रहे हैं, वहीं इसके बावजूद आईजीआरएस पोर्टल पर कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही है।
स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को बिना किसी ज़मीनी जाँच के केवल औपचारिकता पूरी करके बंद कर दिया जाता है। अधिकारियों की कोई जवाबदेही तय न होने के कारण आम जनता दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है और कागज़ी समीक्षा बैठकों का असर ज़मीन पर नज़र नहीं आ रहा है।