IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII

आलोक वाजपेयी (ज्योतिषाचार्य)

🕉 समस्त लोक शंकरं निरस्त दैत्य कुञ्जरं,
दरे तरोदर वरं वरेभ वक्त्र मक्षरम्।
कृपाकरं क्षमाकरं मुदाकरं यशस्करं,
नमस्करं नमस्कृतां नमस्करोमि भास्वरम्॥3॥

अर्थ:
जो समस्त लोकों का कल्याण करने वाले हैं, जिन्होंने गजाकार दैत्य का विनाश किया है। जो लम्बोदर, श्रेष्ठ, अविनाशी एवं गजराज वदन हैं। जो कृपा, क्षमा और आनन्द की निधि हैं, जो यश प्रदान करने वाले तथा नमनशीलों को मन से सहयोग देने वाले हैं, उन प्रकाशमान देवता गणेश जी को मैं प्रणाम करता हूं।

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII

🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹

विक्रम संवत 2081
संवत्सर नाम -: कालयुक्त
संवत्सर राजा-: मंगल
संवत्सर मंत्री-: शनि
🌕सूर्य उत्तरायण, ऋतु-: वसंत
सूर्य उदय : प्रातः 6/46
सूर्य अस्त : सायं 6/20
📺 फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि
अंग्रेजी दिनांक-: 5/3/2025

दिन-: बुधवार

🌕 चंद्रमा-: वृष राशि में प्रात: 8/13 से

🥳राशि स्वामी-: शुक्र

🌱 आज का नक्षत्र-: कृत्तिका

💓 नक्षत्र स्वामी – : सूर्य

✨️ चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश:
प्रात: 8/13 से कृत्तिका नक्षत्र चरण 2 में
दोपहर 1/50 से कृत्तिका नक्षत्र चरण 3 में
सायं 7/29 से कृत्तिका नक्षत्र चरण 4 में
रात्रि 1/09 से रोहिणी नक्षत्र चरण 1 में

🔥 योग -: वैधृति रात्रि11/07 तक ( इस योग में यात्रा करना या कोई शुभ कार्य करना वर्जित है, इस योग की शांति भगवान शिव, सूर्य और अग्नि की पूजा से की जाती है)
रात्रि 11/08 से विषकुम्भ योग (इस योग में किए गए काम का फल अशुभ होता है, इस योग में किसी भी तरह के शुभ काम करने की मनाही होती है.
इस योग में जन्म लेने वाले व्यक्ति को ज़िंदगी भर संघर्ष करना पड़ता है.
इस योग से ग्रसित व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार रहते हैं और उसके काम बनते-बनते बिगड़ने लगते हैं.
इस योग में जन्मे व्यक्ति को शिव और हनुमान जी की पूजा करने से लाभ होता है)

 

🪴आज का विशेष पर्व एवं धार्मिक महत्त्व

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🔮 ज्योतिषीय सलाह:

♻️ शुभ दिशा-: दक्षिण,पूर्व, दक्षिण-पश्चिम

♻️ दिशा शूल -: उत्तर दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर धनिया या तिल खाकर प्रस्थान करें

आज की ग्रह स्थिति -:
🌷सूर्य -: कुंभ राशि पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🛑मंगल -: मिथुन राशि पुनर्वसु नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी गुरु) प्रात: 5/30 से चरण 2 में

🌱 बुद्ध -: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)

🌕गुरु -: वृष राशि रोहिणी नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी चंद्र)
💃 शुक्र (वक्री) -: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🌊 शनि (अस्त) -: कुंभ राशि पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)

🎥 राहु-: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🛐केतु-: कन्या राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी सूर्य)

🤬राहु काल -: दोपहर 12/32 से 2/00 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य न करें

दैनिक लग्न सारणी -:

प्रात: 7/13 तक कुम्भ
8/37 तक मीन
10/13 तक मेष
दोपहर 12/08 तक वृष
2/22 तक मिथुन
सायं 4/42 तक कर्क
7/00 तक सिंह
रात्रि 9/15 तक कन्या
11/35 तक तुला
1/53 तक वृश्चिक
सूर्योदय पूर्व 3/48 तक धनु
5/41 तक मकर

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🙌🙌🙌 जय जय श्री राधे 🙌🙌🙌🙌

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