आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,

अवध केसरी’ की खबरों का बड़ा असर: जौनपुर से उठी आवाज पर जगी एसटीएफ, नैनी ITI में छापा; प्रधानाचार्य अशोक कुमार और 5 सॉल्वर गिरफ्तार
प्रदेश स्तर पर गरमाया मामला— जौनपुर ITI में सामूहिक नकल और फर्जीवाड़े के भंडाफोड़ के बाद एक्शन में शासन; प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने प्रदेशभर के ITI संस्थानों के भौतिक सत्यापन का दिया आदेश
विशेष समाचार रिपोर्ट
जौनपुर समेत पूरे प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में फैले नकल माफिया और फर्जीवाड़े के गठजोड़ पर ‘अवध केसरी’ का बड़ा प्रहार रंग लाया है। ‘अवध केसरी’ द्वारा जौनपुर ITI स्कूल में चल रही सामूहिक नकल और बड़े पैमाने पर हो रहे फर्जीवाड़े की खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद यह मामला प्रदेश स्तर पर गूंज उठा। ‘अवध केसरी’ ने निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की बहाली के लिए जौनपुर ITI समेत सभी परीक्षा केंद्रों के भौतिक सत्यापन की पुरजोर मांग उठाई थी।
इसी मांग और जनहित से जुड़ी रिपोर्टिंग को गंभीरता से लेते हुए व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने सख्त रुख अपनाया और प्रदेश के सभी ITI स्कूलों के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के निर्देश जारी किए।
एसटीएफ का नैनी ITI पर छापा: प्रधानाचार्य और सॉल्वर शिकंजे में
‘अवध केसरी’ के खुलासे के बाद हरकत में आई स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए नैनी (प्रयागराज) स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) पर धावा बोला:
रंगे हाथों पकड़े गए सॉल्वर: परीक्षा केंद्र में चल रही फाइनल सेमेस्टर परीक्षा के दौरान एसटीएफ ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। मौके से असली परीक्षार्थियों की जगह मोटी रकम लेकर परीक्षा दे रहे 5 मुन्नाबाइयों (सॉल्वरों) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
प्रधानाचार्य अशोक कुमार गिरफ्तार: सॉल्वरों से हुई कड़ी पूछताछ और केंद्र के साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद फर्जीवाड़े और नकल माफिया से साठगांठ की पुष्टि हुई। इसके बाद एसटीएफ ने नैनी ITI के प्रधानाचार्य अशोक कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया।
दस्तावेज व साक्ष्य जब्त: एसटीएफ ने परीक्षा केंद्र से अटेंडेंस रजिस्टर, एडमिट कार्ड और सीसीटीवी फुटेज समेत सभी महत्वपूर्ण अभिलेखों को कब्जे में ले लिया है।
प्रशासनिक महकमे में हड़कंप, जारी है विस्तृत जांच
जौनपुर में ‘अवध केसरी’ की मुहिम से शुरू हुआ यह मामला अब पूरे प्रदेश के शिक्षा माफियाओं पर भारी पड़ रहा है। प्रमुख सचिव के निर्देश पर शुरू हुए इस भौतिक सत्यापन और एसटीएफ की लगातार कार्रवाई से नकल माफिया के आकाओं में हड़कंप व्याप्त है।
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा केवल गिरफ्तार सॉल्वरों और प्रधानाचार्य तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें शामिल अन्य केंद्र व्यवस्थापकों, कक्ष निरीक्षकों और बिचौलियों की भूमिका को भी खंगाला जा रहा है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।