जौनपुर: ITI में पैसे लेकर सामूहिक नकल कराने का विरोध करने पर स्टोर कीपर को कार में किया बंधक, प्रिंसिपल ने फोन पर दी गालियां

आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,

जौनपुर: ITI में पैसे लेकर सामूहिक नकल कराने का विरोध करने पर स्टोर कीपर को कार में किया बंधक, प्रिंसिपल ने फोन पर दी गालियां

जौनपुर (शाहगंज)।
जौनपुर जिले के शाहगंज स्थित आईटीआई स्कूल में परीक्षा में पैसे लेकर सामूहिक नकल कराने और विरोध करने पर संस्थान के स्टोर कीपर को बंधक बनाकर धमकाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित स्टोर कीपर ने प्रिंसिपल और चार शिक्षकों के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी है।
संवाददाता से फोन पर हुई बातचीत में पीड़ित ने बताई आपबीती
इस पूरी घटना की जानकारी देते हुए पीड़ित स्टोर कीपर मेवालाल भंडारी ने हमारे संवाददाता से फोन पर विशेष बातचीत की। मेवालाल ने अपने बयानों में पूरी आपबीती बताते हुए इन गंभीर आरोपों का खुलासा किया है। उन्होंने फोन पर ही स्पष्ट किया कि किस तरह उन्हें साजिश के तहत फंसाया और डराया गया है।
क्या है पूरा मामला?
शाहगंज आईटीआई स्कूल में इन दिनों सीबीटी (CBT) एग्जाम चल रहे हैं। आरोप है कि इस परीक्षा में पैसे लेकर बड़े पैमाने पर सामूहिक नकल कराई जा रही है। इस धांधली की शिकायत किसी ने सीधे विभाग के डायरेक्टर को ईमेल के जरिए कर दी।
डायरेक्टर को मेल जाने के बाद प्रिंसिपल मनीष पाल को शक हुआ कि यह शिकायत संस्थान के ही स्टोर कीपर मेवालाल भंडारी ने की है। इसी शक के चलते प्रिंसिपल ने मेवालाल को सबक सिखाने की साजिश रची।
घर से उठाकर ब्रीजा कार में किया बंधक
पीड़ित मेवालाल के अनुसार, प्रिंसिपल मनीष पाल के कहने पर ITI उसरांव के टीचर सुरेंद्र पाल, राजेंद्र पाल और शाहगंज ITI के टीचर अमित श्रीवास्तव व एक अन्य शिक्षक उनके घर पहुंचे। ये लोग मेवालाल को जबरन अपनी ब्रीजा कार में बिठाकर आगे बाजार तक ले गए और कार के अंदर उन्हें बंधक बना लिया।
मोबाइल छीनने की कोशिश और प्रिंसिपल की गाली-गलौज
कार के भीतर आरोपी शिक्षकों ने मेवालाल से उनका मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की। जब मेवालाल ने विरोध किया, तो टीचर सुरेंद्र पाल ने तुरंत प्रिंसिपल मनीष पाल को व्हाट्सएप पर कॉल लगाया। फोन पर प्रिंसिपल मनीष पाल ने मेवालाल को जमकर भद्दी-भद्दी गालियां दीं और अंजाम भुगतने की धमकी दी।
आरोपी मेवालाल को कार से बाहर नहीं निकलने दे रहे थे। इसी बीच मेवालाल के गांव के लोग वहां पहुंच गए। ग्रामीणों को आता देख आरोपी शिक्षक डर गए और मेवालाल कार से बाहर निकल सके।
प्रिंसिपल ने साध ली चुप्पी
इस पूरे मामले और लगे गंभीर आरोपों के संबंध में जब हमारे संवाददाता ने प्रिंसिपल मनीष पाल से उनका पक्ष जानना चाहा, तो उन्होंने इस घटना और आरोपों पर कोई भी जवाब नहीं दिया है और पूरी तरह चुप्पी साध ली है।
दो जिलों के थानों में तहरीर
इस पूरी घटना के बाद पीड़ित स्टोर कीपर का परिवार डरा हुआ है। मेवालाल ने न्याय के लिए दो अलग-अलग जिलों के थानों में लिखित तहरीर दी है:
थाना पवई (जिला आजमगढ़)
थाना अखंडनगर (जिला सुल्तानपुर)
पीड़ित ने जौनपुर और संबंधित जिलों के पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सामूहिक नकल कराने वाले प्रिंसिपल मनीष पाल और उन्हें बंधक बनाने वाले आरोपी शिक्षकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

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