आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,
जौनपुर: कचरा गाड़ी में मृत गोवंश ले जाने का वीडियो वायरल; सफाई नायक निलंबित, ड्राइवर समेत 3 पर गिरी गाज
जौनपुर।
नगर पालिका परिषद जौनपुर में एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसके बाद प्रशासन ने कड़ी और त्वरित कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें एक सफाई वाहन (ट्रैक्टर) में कूड़े के साथ एक मृत गोवंश (गोमाता) के शव को ले जाते हुए दिखाया गया था।
इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए नगर पालिका परिषद की माननीय अध्यक्ष मनोरमा मौर्या ने इसे बेहद गंभीर माना और तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
सफाई नायक तत्काल प्रभाव से निलंबित
माननीय अध्यक्ष जी के निर्देशों के क्रम में अधिशासी अधिकारी (EO) धर्मराज राम ने त्वरित एक्शन लिया है। वार्ड-उर्दू II की सफाई नायक श्रीमती सीमा उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दिनांक 18.07.2026 को सब्जी मण्डी क्षेत्र में सफाई वाहन के चालक द्वारा कूड़ा लादकर ले जाया जा रहा था, जिसमें सफाई नायक की देखरेख में मृत गोमाता के शव को भी लाद दिया गया। आदेश में इस कृत्य को “सनातन धर्म की भावनाओं को आहत पहुंचाने जैसा गंभीर अपराध और पालिका की छवि को धूमिल करने वाला” बताया गया है।
ड्राइवर समेत अन्य कर्मचारियों पर भी गिरी गाज
इस मामले में केवल सफाई नायक ही नहीं, बल्कि वाहन के चालक (ड्राइवर) सहित अन्य दो संबंधित कर्मचारियों पर भी दंडात्मक कार्रवाई की गई है। इसके अतिरिक्त, वार्ड की व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए सफाई नायक श्री फिरोज को अपने आवंटित क्षेत्र के साथ-साथ वार्ड-उर्दू II का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया गया है।
15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश
प्रशासन ने इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कराने का फैसला किया है।
जांच अधिकारी की नियुक्ति: नगर पालिका परिषद के सहायक अभियन्ता (जल) श्री जटा शंकर पटेल को इस मामले का जांच अधिकारी (Investigating Officer) नामित किया गया है।
समय सीमा: जांच अधिकारी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे 15 दिवस के भीतर अपचारी कर्मचारी के खिलाफ आरोप पत्र निर्गत करते हुए पूरी जांच कार्यवाही संपन्न करें और अपनी जांच आख्या (रिपोर्ट) कार्यालय में प्रस्तुत करें।
निलंबन काल के नियम: निलंबन की अवधि के दौरान श्रीमती सीमा उपाध्याय को नियमानुसार वेतन का 1/2 भाग और जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, तथा उन्हें दैनिक रूप से जांच अधिकारी के कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
नगर पालिका प्रशासन की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।