Bueauro,
राम मंदिर चढ़ावा महा-घोटाले में सबसे सनसनीखेज खुलासे…
*टिन्नू यादव के घर से करोड़ों का सोना जब्त*
*सुरक्षा रडार पर ‘बोरे में लगेज’ ले जाने वाला सोमेश आनंद*
अयोध्या। जनपद में स्थित भव्य राम मंदिर के खजाने और चढ़ावे में हुए करोड़ों रुपये के महा-गबन मामले में हर गुजरते दिन के साथ ऐसे खौफनाक और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिसने पूरे देश की आस्था को झकझोर कर रख दिया है। 7 June 2026 से शुरू हुए आरोपों और वित्तीय विसंगतियों के इस सिलसिले के महज एक हफ्ते के भीतर ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित की गई उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) अयोध्या ग्राउंड जीरो पर पहुंच चुकी है। 15 June 2026 (सोमवार) को अपने पहले ही दिन के एक्शन में एसआईटी की टीम करीब 6 घंटे तक राम मंदिर परिसर के भीतर जमीनी सुराग खंगालती रही, जहां टीम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से बंद कमरे में लंबी पूछताछ की और डिजिटल ट्रेल खंगाला। इस बड़ी कार्रवाई से ठीक पहले, पकड़े गए 5 मुख्य संदिग्धों से करीब 2 करोड़ रुपये की नकद राशि, 1 लग्जरी कार और 3 आईफोन (iPhone) आधिकारिक तौर पर बरामद किए जा चुके हैं, जिसके बाद 2 और बेहद हाई-प्रोफाइल और सनसनीखेज खुलासे सामने आए हैं।
इस महा-घोटाले के पहले बड़े खुलासे और ‘सोना सिंडिकेट’ के ताने-बाने पर नजर डालें तो ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के सबसे करीबी सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पैतृक आवास पर 2 दिन पहले की गई छापेमारी में भारी मात्रा में शुद्ध सोना बरामद किया गया है। यद्यपि आधिकारिक तौर पर जब्त किए गए इस सोने के कुल वजन की पुष्टि अभी तक नहीं की गई है, परंतु विश्वस्त सूत्रों का दावा है कि इस बरामद सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कई करोड़ रुपये हो सकती है।जांच में यह भी सामने आया है कि अयोध्या में कभी मामूली ऑटो रिक्शा चलाने वाले और महज एक पुरानी बाइक से घूमने वाले टिन्नू के पास आज अयोध्या और लखनऊ जैसे महानगरों में करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी चल-अचल संपत्तियां मौजूद हैं।is
टिन्नू का पुश्तैनी मकान राम मंदिर से महज 1.5 किलोमीटर दूर स्वर्गद्वार इलाके में स्थित है, जहां इस समय उनके सगे भाई रहते हैं। इसी भारी सुरक्षा लूपहोल का फायदा उठाकर चोरों ने पहले दानपात्रों में गिरने वाले करोड़ों के सोने-चांदी के आभूषणों को धीरे-धीरे पार करना शुरू किया, और जब इस धातु चोरी पर कोई सुराग नहीं लगा और हौसले बुलंद हो गए, तो *गिरोह ने सीधे मुख्य कैश के बंडलों पर भी हाथ साफ करना शुरू कर दिया, जो कि अब एसआईटी की चार्जशीट का मुख्य आधार बनने जा रहा है।