Alok Verma, Jaunpur Bueauro,
न बिजली है न पानी, जौनपुर बना नरक: मंत्री बेपरवाह, जनता त्रस्त
जौनपुर में बिजली व्यवस्था तो कब की ध्वस्त हो चुकी है, अब पानी सप्लाई भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है। हालात ये हैं कि न दिन में बिजली है न रात में, और बिजली न होने से घरों के नल सूखे पड़े हैं।
पॉलिटेक्निक चौराहा, मंडी अहमद खान, सिटी स्टेशन, नईगंज, लाइन बाजार, सिपाह हर इलाके में यही रोना है। मंडी अहमद खान में 18 घंटे बाद बिजली आई, वो भी 10 मिनट चलकर फिर चली गई। ट्यूबवेल बंद, पानी की टंकियां खाली। जलकल विभाग हाथ खड़े कर चुका है कि “बिजली नहीं तो पानी कहां से दें”। नतीजा ये कि भीषण 44 डिग्री की गर्मी में लोग बूंद-बूंद को तरस गए।
मोहल्लों में हाहाकार मचा है। महिलाएं आधी रात को उठकर हैंडपंप पर लाइन लगा रही हैं। जो खरीद नहीं सकते वो गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। बीमारियां अलग फैल रही हैं।
सबसे शर्मनाक बात ये है कि जौनपुर के प्रभारी मंत्री ए के शर्मा खुद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हैं। उनके रहते पूरा जिला अंधेरे और प्यास में डूबा है तो बाकी प्रदेश का क्या हाल होगा? नगर विधायक और राज्यमंत्री गिरीश यादव को जनता की तकलीफ से शायद रत्ती भर फर्क नहीं पड़ता। मगर जिस जनता ने वोट दिया वो गर्मी में उबल रही है। न कभी बिजली घर का निरीक्षण, न कोई बैठक, न कोई फटकार।
कांग्रेस, सपा, आम आदमी पार्टी सब ज्ञापन दे-देकर थक गए। जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना हुआ, चक्का जाम हुआ, पर अफसरों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा था कि गांव में 18 घंटे, शहर में 24 घंटे बिजली दो। जौनपुर में उनके आदेश को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया है।
बिजली विभाग के SDO, JE अब फोन उठाने लगे हैं, मगर जवाब एक ही – “ऊपर से कटौती है, फॉल्ट हो गया, लोड बढ़ गया”। अधिशासी अभियंता मीटिंग में व्यस्त हैं। यानी जनता जाए भाड़ में।
पूरे जिले की हालत खस्ता है। बदलापुर, मड़ियाहूं, केराकत, शाहगंज, मछलीशहर – हर तहसील में 10-12 घंटे की अघोषित कटौती। किसान खेत नहीं सींच पा रहे, धान की बेहन सूख रही है। छोटे दुकानदार का धंधा चौपट। इन्वर्टर जवाब दे चुके हैं। रात में लोग छतों पर, सड़कों पर सोने को मजबूर हैं।
अब पानी का संकट आग में घी का काम कर रहा है। बिजली-पानी दोनों न होने से जौनपुर नरक बन गया है। सवाल सीधा है जब ऊर्जा मंत्री ही प्रभारी हैं तो जिले को 24 घंटे बिजली क्यों नहीं मिल रही? क्या मंत्री जी सिर्फ लखनऊ की AC में बैठकर बयान देने के लिए हैं?
बहुत हो गया। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुद हस्तक्षेप करना होगा। जौनपुर के बिजली विभाग का ऑडिट हो, लापरवाह अफसर सस्पेंड हों, और जिन मंत्रियों के इलाके में जनता त्राहि-त्राहि कर रही है उनकी जिम्मेदारी तय हो। भाषण नहीं, एक्शन चाहिए। वरना आने वाले चुनाव में जनता बिजली-पानी का हिसाब ब्याज समेत करेगी। जौनपुर अब और अंधेरा बर्दाश्त नहीं करेगा।