आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,

“जौनपुर में स्मार्ट मीटर का तेजी से विस्तार: 1.71 लाख उपभोक्ता जुड़े, अब मोबाइल की तरह होगा बिजली रिचार्ज”
जौनपुर। जनपद में बिजली व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक जिले में 1,71,528 से अधिक उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जो सुचारु रूप से कार्य कर रहे हैं। शेष उपभोक्ताओं के यहां भी मेसर्स जीएमआर द्वारा अभियान चलाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।
विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ये स्मार्ट मीटर ISI प्रमाणित हैं और रियल टाइम में बिजली खपत व बैलेंस की जानकारी देते हैं। प्रीपेड प्रणाली पर आधारित होने के कारण अब उपभोक्ता मोबाइल फोन की तरह बिजली रिचार्ज कर सकेंगे, जिससे बिल भुगतान की झंझट खत्म होगी।
स्मार्ट मीटर की एक बड़ी खासियत यह भी है कि भविष्य में सोलर कनेक्शन लेने पर मीटर बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं प्रीपेड भुगतान करने पर उपभोक्ताओं को 2 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। कम बैलेंस, भुगतान और खपत से जुड़ी जानकारी एसएमएस के माध्यम से लगातार मिलती रहती है।
अधिकारियों ने बताया कि अब बिजली कनेक्शन जोड़ने के लिए उपभोक्ताओं को बिजलीघर के चक्कर नहीं लगाने होंगे, क्योंकि मीटर स्वतः ही रिकनेक्ट हो जाता है। साथ ही UPPCL Smart App के जरिए उपभोक्ता दैनिक, मासिक और प्रति घंटे बिजली खपत की जानकारी आसानी से देख सकते हैं।
ऑनलाइन भुगतान को बढ़ावा देते हुए UPI, Paytm और Google Pay के माध्यम से तुरंत रिचार्ज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ऐप पर ही शिकायत दर्ज कराने और दैनिक बिजली कटौती की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है।
बताया गया कि RDSS योजना के अंतर्गत मौजूदा उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर निःशुल्क लगाए जा रहे हैं, जबकि नए कनेक्शन पर नियमानुसार शुल्क लागू होगा। विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक रिचार्ज में पुराने बकाए के कारण राशि अधिक लग सकती है, लेकिन यह पूरी तरह खपत आधारित होती है।
बिजली कटने की स्थिति में रिचार्ज के बाद भी यदि दो घंटे के भीतर आपूर्ति बहाल नहीं होती है, तो उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन या व्हाट्सएप/चैटबॉट के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इस संबंध में मुख्य अभियंता (वि.) वाराणसी क्षेत्र-द्वितीय के निर्देश पर आयोजित प्रेसवार्ता में अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार गुप्ता एवं अधीक्षण अभियंता अनिल पाठक मौजूद रहे।