ब्यूरो,

भारत – अफगानिस्तान पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल, 20 एम्बुलेंस और अन्य चिकित्सा उपकरण किए भेंट
भारत सरकार ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में दूतावास शुरू करने का आधिकारिक ऐलान किया है। भारत ने तालिबान शासित अफगानिस्तान के साथ संबंधों में एक महत्वपूर्ण क्षण को चिन्हित करते हुए काबुल में अपने मिशन को ‘पूर्ण दूतावास का दर्जा’ देने का ऐलान किया है।
आमिर ख़ान मुत्ताकी अफगानिस्तान के पहले विदेश मंत्री हैं, जो तालिबान शासन में नई दिल्ली आए हैं। मुत्ताकी से बातचीत के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने काबुल में दूतावास खोलने की बात कही है। तालिबान शासन को लेकर भारत सरकार की ओर से यह बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।
आज शुक्रवार सुबह विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने अफगान समकक्ष आमिर ख़ान मुत्ताकी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा अफगानिस्तान का साथ दिया है। अफगान हमारे लिए काफी अहम हैं। अफगानिस्तान ने हाल ही में आतंक के खिलाफ लड़ाई में हमारा साथ दिया और पहलगाम हमले की निंदा की।
गौरतलब है कि चार साल पहले तालिबान और तत्कालीन अफगान सरकार के बीच लड़ाई के दौरान काबुल स्थित दूतावास का दर्जा कम कर दिया गया था। साथ ही छोटे शहरों में वाणिज्य दूतावास कार्यालय बंद कर दिए गए थे। इसको लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने अफगान समकक्ष आमिर ख़ान मुत्ताकी से कहा कि अफगानिस्तान के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल कर दिए गए हैं और काबुल स्थित अपने ‘तकनीकी मिशन’ को ‘पूर्ण दूतावास’ का दर्जा दिया जाएगा। भारत सरकार ने इस अवसर पर अफगानिस्तान को 20 एम्बुलेंस और अन्य चिकित्सा उपकरण भी भेंट किए है.
बता दें कि अफगानिस्तान में हिंसा के बाद भारत सरकार ने दूतावास के कर्मचारियों को वापस भारत लाने के लिए सैन्य विमान तैनात किए थे। 15 अगस्त के अंत और 16 अगस्त की शुरुआत में दो सी-17 परिवहन विमानों ने उड़ान भरी थी। हालांकि, भारत ने इस हिंसा के एक महीने बाद काबुल में फिर से राजनयिक उपस्थिति शुरू कर दी थी।
इस दौरान तालिबान अधिकारियों ने कहा था कि भारत अगर अफगानिस्तान की राजधानी में अपने अधिकारियों को वापस भेजता है तो पर्याप्त सुरक्षा दी जाएगी। वहीं, दुनिया के बदलते सियासी हालात में अक्टूबर 2025 तक अफगानिस्तान के साथ संबंधों में और सुधार हुआ है।