आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,
अब तो बीएसपी पर खुलेआम बीजेपी से मिलकर प्रत्याशी उतारने और विपक्षी एकता को कमजोर करने के लगते हैं आरोप
2019 के आम चुनाव में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने आपसी समझौते में चुनाव लड़ा था।
चुनाव के बीचोंबीच सीबीआई ने उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों के निजीकरण के मामले में एक FIR और 6 PEs दर्ज़ कर लीं थीं। बाद में पता चला कि बीएसपी ने यूपी में अनेक सीटों पर अपने काडर से सपा की जगह बीजेपी को वोट दिला दिया था और चुनाव के तुरंत बाद समझौता तोड़ने का ऐलान कर दिया था।
अब तो ख़ैर बीएसपी पर खुलेआम बीजेपी से मिलकर प्रत्याशी उतारने और विपक्षी एकता को कमजोर करने के आरोप लगते हैं।
लेकिन बीजेपी और सीबीआई से यह सवाल नहीं बनता कि 2019 के सीबीआई मामले का क्या हुआ?
भ्रष्टाचार से युद्ध छेड़ने के वायदे का क्या हुआ?