ब्यूरो,

मगध विश्वविद्यालय के कुलपति और गोरखपुर विश्वविद्यालय के मिलिट्री साइंस डिपार्टमेंट के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो.राजेन्द्र प्रसाद के गोरखपुर स्थिति आवास पर बुधवार को स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने छापा मारा। उन पर अपने रिश्तेदार की एजेंसी से करोड़ों की खरीदारी का आरोप लगा है।
मिली जानकारी के अनुसार गोरखपुर के तारामंडल क्षेत्र के आजाद नगर स्थित उनके मकान पर बुधवार की सुबह अचानक विजिलेंस टीम पहुंची। पता चला कि निगरानी विभाग की स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने कुलपति के गोरखपुर आवास सहित अन्य ठिकानों पर एक साथ छापा मारा है। आज सुबह नौ बजे से यह कार्रवाई चल रही है। गोरखपुर के आजाद नगर स्थित आवास पर प्रो.राजेन्द्र सिंह के बेटे आशोक प्रसाद का परिवार रहता है।
पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार जितेंद्र कुमार के ठिकानों पर भी स्पेशल विजिलेंस का छापा चल रहा है। प्रो. राजेंद्र प्रसाद समेत तीन के खिलाफ अनियमितता के मामले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने आईपीसी की धारा 120बी, 420 और आर डब्लू के सेक्शन 12,13 और 13बी के साथ साथ पीसी ऐक्ट 1988 के तहत केस दर्ज करवाया है। इसी के तहत कार्रवाई करते हुए स्पेशल विजिलेंस की तीन टीम काम कर रही है। कुलपति के यूपी के गोरखपुर स्थित उनके पैतृक आवास पर छापेमारी की जा रही है। इसके साथ ही बोधगया में 2 ठिकानों पर भी छापेमारी की गई है। बोधगया में स्थित आवास और कार्यालय पर भी रेड डाला गया है.
विजिलेंस विभाग के एडीजी नैयर हसनैन खां ने बताया है कि पटना की स्पेशल निगरानी टीम ने फरवरी 2021 में एक कांड दर्ज किया था। इस के तहत बोधगया के मगध विवि के कुलपति राजेन्द्र प्रसाद, कुलपति के नीजी सचिव सह असिस्टेंट सुबोध कुमार, लखनऊ की एक प्रिंटिंग कंपनी पूर्वा ग्राफिक्स एन्ड ऑफसेट, एक्सएलआईसीटी सॉफ्टवेयर, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा के फाइनेंस अ़फसर ओमप्रकाश सिंह तथा पाटलिपुत्रा विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार जीतेन्द्र कुमार के खिलाफ कांड दर्ज किया गया। इसी केस में मगध विवि के कुलपति के खिलाफ निगरानी कोर्ट से सर्च का आदेश मिला था जिसके आधार पर यह कार्रवाई हो रही है।
विशेष निगरानी विभाग की इस कार्रवाई से मगध विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कर्मियों में हड़कंप मंच गया है। इससे पहले भी मगध विवि के कई कुलपतियों एवं अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। चर्चा है कि इस कार्रवाई में कई अन्य सफेदपोष लोगों के नाम आ सकते हैं। विश्वविद्यालय के अन्य कर्मी और पदाधिकारी भी फंस सकते हैं। प्रो. राजेंद्र प्रसाद गोरखपुर के रहने वाले हैं। उनके नाम कई शैक्षणिक उपलब्धियां दर्ज हैं। मगध विवि में उनकी नियुक्ति तीन साल के लिए की गई है। प्रो.प्रसाद गोरखपुर विवि में चीफ प्रॉक्टर, विभागाध्यक्ष, डीन, रजिस्ट्रार और वित्त अधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।