योगी के चेहरे पर ही यूपी चुनाव लड़ेगी भाजपा, राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष ने मंत्रियों के साथ बैठक में दिए संकेत

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष मंगलवार को कैबिनेट मंत्रियों, राष्ट्रीय पदाधिकारियों और पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ हुई बैठक में साफ संकेत दे गए कि मिशन- 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही भाजपा का चेहरा होंगे। ‘सबका साथ-सबका विकास’ ही पार्टी की नीति रहेगी और इसी मंत्र के सहारे पार्टी चुनाव में उतरेगी। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन ने जिस तरह योगी सरकार की तारीफ की और बैठक में सरकार और उसकी विकास योजनाओं को आम लोगों तक ले जाने के लिए भी कहा, इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी योगी के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेगी। 

बीएल संतोष ने मंत्रियों का आह्वान किया कि सब कुछ सरकार करेगी तो कैसे होगा..? आप लोग भी सक्रिय होकर चुनाव में जुटें और सरकार के काम को जनता के बीच ले जाया जाए। बैठक का लब्बोलुआब यह रहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कामकाज को लेकर ही पार्टी चुनाव में उतरेगी। उन्होंने मंत्रियों का आह्वान किया कि चुनाव से पहले कामकाज का पूरा ब्योरा तैयार करें। उन्होंने लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जब हम चुनाव में उतरते थे तो कहते थे कि मोदी ने इतना काम किया है कि कोई दिक्कत नहीं होगी। कुछ वैसा ही यूपी में हुआ है। हम कानून-व्यवस्था की बात करते थे, कानून व्यवस्था दुरुस्त है। विकास हुआ है और भ्रष्टाचार कम किया गया है। बस मंत्रियों को लोगों के बीच इसे सटीक तरीके से ले जाना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मिशन-2022 के लिए जरूरी है कि जो काम प्रदेश सरकार ने किए हैं, उन्हें लोगों को बताया जाए। बताएं कि यह कार्य इससे पहले की किसी सरकार ने नहीं किए हैं। पारदर्शिता से युवाओं को नौकरियां दीं। बेसिक शिक्षा का मुद्दा आने पर सीएम ने कहा कि पारदर्शिता से शिक्षकों की मांग के अनुरूप तबादले किए गए हैं। भ्रष्टाचार के प्रति जोरो टालरेंस की नीति से काम किया गया और चार लाख भर्तियां कर युवाओं को नौकरियां दी गईं। ऐसा पहली बार हुआ जब यूपी केंद्र की तमाम योजनाओं में अव्वल रहा है। भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस नीति अपनाई गई और कोई समझौता नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि किसी सरकार को भ्रष्टाचार पर समझौता करना भी नहीं चाहिए। हमें इसी नीति के साथ चुनाव मैदान में उतरना होगा। गांवों में हालात सुधारे गए हैं वहां ग्रामीणों के रोजगार के साथ श्रमिकों का ख्याल किया गया है। इन कामों के जरिये पार्टी को जनता तक पहुंचना है। 

भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ हुई बैठक में पार्टी के एक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने संगठन को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जब विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार की बातें क्यों नहीं रोकी गईं? क्यों नहीं इस अटकल पर विराम लगाया गया कि नेतृत्व बदलाव होगा। कोई डिप्टी सीएम बनेगा, कोई फलां मंत्री बनेगा। इन अटकलों को विराम लगाना चाहिए था। इससे पार्टी को नुकसान हुआ है और आम लोगों में भ्रम की स्थिति फैलती है। एक अन्य पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पंचायत चुनाव आ रहे हैं और उसमें हमें जीत सुनिश्चित करनी होगी। थाने और तहसील को मजबूत करना होगा क्योंकि इससे आम आदमी परेशान होता है।

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