हाथरस केस: सबूत देने के चक्कर में सूख रही आठ बीघा फसल- सरकार से मांगा मुआवजा

यूपी के हाथरस जिले में चंदपा कोतवाली क्षेत्र के गांव बूलगढ़ी में 14 सितंबर को जिस खेत में वारदात हुई वहां लगी बाजरा की फसल सूख गई है। सबूत नष्ट न हो, लिहाजा खेत में किसान पानी नहीं लगा सका। करीब आठ बीघा बाजरा खराब हो गया। किसान ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।

बूलगढ़ी गांव से करीब आधा किलोमीटर पहले एक खेत में ही युवती के संग वारदात हुई थी। इस खेत का मालिक छोटू व उसका बड़ा भाई सोम सिंह है। उनके पिताजी का वर्ष 2018 में देहांत हो चुका है। दोनों भाइयों के पास करीब 12 बीघा पुश्तैनी खेत है। इसी से परिवार का पालन पोषण करते हैं। सोम सिंह ने बताया कि जब यहां वारदात हुई तो पुलिस प्रशासन ने कुछ दिन के लिए फसल में पानी लगाने से मना कर दिया। उसके बाद फसल काटने से रोक दिया गया। जिस खेत में घटना हुई, उसके आसपास भी सोम सिंह फसल नहीं काट सके। आठ बीघा में उनका बाजरा अब सूख गया। उनका कहना है कि जब से घटना हुई है वह दो बार तो खेत में पानी लगा ही देते। बाजरा सूखता नहीं, लेकिन पुलिस ने मना कर दिया था। जब सीबीआई आई तो उसने फसल के बारे में भी पूछा। जहां घटना बताई जा रही है उस स्थल को छोड़कर बाकी खेत में फसल काटने की अनुमति दे दी गई। सोम सिंह ने बताया कि अब वह बाकी खेत की फसल काट रहे हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं। बाजरा सूख चुका है।

सोम सिंह, खेत मालिक का कहना है कि हमारे पास 12 बीघा खेत है। चार बीघा में पशुओं के लिए चारा उगाया है। वह थोड़ा दूर है। आठ बीघा बाजरा की फसल इस घटना के कारण बर्बाद हो गईर्। सिंचाई न होने से फसल सूख गई। पिछले साल आठ बीघा बाजरा करीब 70 हजार रुपये का बिक गया था। गरीब मार हो गई। अब हमारी भी सुनवाई होनी चाहिए। सरकार मुआवजा दे।

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