IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II


Alok Vajpeyee (Astrologer),
🕉 नमः कमलवासिन्यै नारायण्यै नमो नमः।कृष्णप्रियायै सारायै पद्मायै च नमो नमः ॥1॥पद्मपत्रविशालाक्ष्मि पद्मास्यायै नमो नमः।सर्वसम्पत्स्वरूपायै सर्वदायै नमो नमः
अर्थात-: हे भगवती कमल पर निवास करने वाली, नारायणी देवी आपको बार-बार नमस्कार है। भगवान श्रीकृष्ण को प्रिय लगने वाली, संसार की साररूपा और कमल जैसी आभा वाली माता पद्मा को नमस्कार है। कमल के पत्तों जैसे विशाल नेत्रों वाली और कमल के समान मुख वाली हे देवी, आपको नमस्कार है। आप समस्त धन-संपत्ति का स्वरूप हैं और सबको सब कुछ प्रदान करने वाली हैं।
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🙌🙌🙌 हर हर महादेव 🙌🙌🙌
🕉 जय माता की 🙏🙏 🙏🙏🌱🌹
IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II
🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹
विक्रम संवत 2083
संवत्सर नाम -: रौद्र
संवत्सर राजा-: गुरु
संवत्सर मंत्री-: मंगल
🌕सूर्य दक्षिणायन
, ऋतु-: शरद
सूर्य उदय : प्रातः 6/08
सूर्य अस्त : सायं 6/30
📺 भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि
अंग्रेजी दिनांक-: 11/9/2026
दिन-: शुक्रवार
🌕 चंद्रमा-: सिंह राशि में
🥳राशि स्वामी-: सूर्य
🌱 आज का नक्षत्र – : पूर्वा फाल्गुनी दोपहर 1/16 तक उसके बाद उत्तरा फाल्गुनी
💓 नक्षत्र स्वामी – : शुक्र/सूर्य
✨️ चंद्रमा का नक्षत्र चरणों में प्रवेश काल
प्रात:7/25 से पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 4 में
दोपहर 1/16 से उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 1 में
सायं 7/08 से उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 2 में
रात्रि 1/02 से उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 3 में
आज का करण और योग आदि
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🪐 करण-: नाग प्रात: 8/58 तक-: नाग करण में जन्मे लोगों के जीवन में दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं घटित हो सकती हैं। उनका जीवन संघर्षों और समस्याओं से भरा हो सकता है। उन्हें सफलता केवल कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से ही मिलेगी, न कि सौभाग्य से। नाग करण में जन्मे लोग आमतौर पर बहुत चिड़चिड़े होते हैं।
उसके बाद बव-:ज्योतिष के अनुसार, बव करण में जन्मे व्यक्ति आध्यात्मिक होते हैं और धार्मिक कार्यों में संलग्न रहना पसंद करते हैं। वे धर्मनिष्ठ होते हैं और उन्हें जो भी कार्य सौंपा जाता है, उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ देने में विश्वास रखते हैं।
🔥 योग-: साध्य सायं 5/01 तक -: यह शुभ योग है , सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिये उपयुक्त
🪴 आज के भद्रा, पंचक, त्यौहार आदि
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अभिजीत मुहुर्त-: प्रात: 11/53 से 12/43 तक किसी भी नये कार्य के लिये शुभ
अमृत काल-: प्रात: 7/05 से 8/37 तक अमृत काल एक अत्यंत शुभ, मंगलकारी और पवित्र समयावधि को कहा जाता है जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत के लिए सबसे अनुकूल मानी जाती है।
विजय मुहूर्त-: दोपहर 2/22 से 3/12 बजे तक किसी भी प्रतियोगिता, खेल कूद, परीक्षा, इंटरव्यू, टेन्डर आदि के लिए सर्वश्रेष्ठ समय
गोधूलि काल-: सायं 6/31 से 6/54 तक इस बेला को बहुत ही पवित्र और शुभ माना गया है।
आज की शुभ दिशा -: उत्तर,पूर्व, पूर्व-उत्तर
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♻️ दिशा शूल-: पश्चिम दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर जौ खाकर प्रस्थान करें
आज की ग्रह स्थिति -:
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🌷सूर्य -: सिंह राशि (राशि स्वामी सूर्य) पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शुक्र)
🛑मंगल -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 2में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🌱 बुद्ध -: कन्या राशि (राशि स्वामी सूर्य) उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी सूर्य)
🌕गुरु -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र)आश्लेषा नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
💃 शुक्र -: शुक्र तुला राशि (राशि स्वामी शुक्र) चित्रा नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी मंगल) रात्रि 11/11 से स्वाति नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी राहु)
🌊 शनि वक्री-: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु) रेवती नक्षत्र चरण 1 में( नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
🎥 राहु-: कुंभ (राशि राशि स्वामी शनि) धनिष्ठा नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी मंगल)
🛐केतु-: सिंह राशि( राशि स्वामी सूर्य) मघा नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी केतु)
🤬राहु काल -: प्रात: 10/45 से दोपहर 12/18 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य प्रारंभ न करें
गुलिक काल-: प्रात: 9/11 से 10/44 तक शुभ कार्यों के लिये अशुभ
यम गन्ड-: प्रात: 6/03 से 7/37 तक
दैनिक लग्न सारिणी
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प्रात: 6/33 तक सिंह
8/51 तक कन्या
11/12 तक तुला
दोपहर 1/32 तक वृश्चिक
सायं 3/37 तक धनु
5/18 तक मकर
6/43 तक मकर
8/05 तक कुम्भ
9/38 तक मीन
11/33 तक मेष