Alok Verma, Jaunpur Bueauro,
हरियाणा-पंजाब की तर्ज पर UP में तैयार हो रहा खेल मॉडल: अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को 6 करोड़ तक का इनाम और सीधी नौकरी
लखनऊ। ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल प्रतियोगिताओं की पदक तालिका में सालों से हरियाणा और पंजाब का दबदबा रहा है। अब उत्तर प्रदेश भी इसी मॉडल पर चलकर देश का नया ‘स्पोर्ट्स पावरहाउस’ बनने की राह पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के विजन और खेल मंत्री (राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव के मार्गदर्शन में लागू ‘उत्तर प्रदेश खेल नीति-2023’ के ज़रिए राज्य में बुनियादी ढाँचे से लेकर खिलाड़ियों के प्रोत्साहन का एक मजबूत तंत्र (Ecosystem) तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का विज़न और व्यक्तिगत पहल
उत्तर प्रदेश को खेलों के नक्शे पर स्थापित करने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का योगदान निर्णायक रहा है:
‘एक ज़िला, एक खेल’ (ODOS) योजना: मुख्यमंत्री जी ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) की तर्ज पर ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट्स’ योजना की शुरुआत की, ताकि हर जिले में पारंपरिक और लोकप्रिय खेलों (जैसे- मेरठ में एथलेटिक्स, मुजफ्फरनगर में कुश्ती, झांसी में हॉकी) को विशेष बढ़ावा मिल सके।
खिलाड़ियों को सीधी प्रशासनिक कमान: सीएम योगी ने नौकरशाही के नियमों में बदलाव करते हुए ‘आउट ऑफ टर्न अपॉइंटमेंट’ व्यवस्था लागू की, जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को सीधे राजपत्रित पदों पर नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ।
समारोहपूर्वक सम्मान संस्कृति: मुख्यमंत्री पदभार संभालने के बाद से ही उन्होंने ओलंपिक, पैरालिंपिक और एशियन गेम्स के पदक विजेताओं ही नहीं, बल्कि प्रतिभागी खिलाड़ियों को भी लखनऊ में भव्य राज्यस्तरीय समारोह आयोजित कर करोड़ों रुपये के नकद पुरस्कारों से सम्मानित करने की परिपाटी शुरू की।
1. नगद पुरस्कार व प्रशासनिक नियुक्तियाँ: सीधी नौकरी का मॉडल
हरियाणा की ‘कैश-फॉर-मेडल’ और नौकरी नीति की तर्ज पर यूपी में भी खिलाड़ियों को बड़ा आर्थिक और सामाजिक संबल दिया जा रहा है।