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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से जताई जा रही आशंकाएं अब वास्तविकता का रूप लेती दिख रही हैं
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से जताई जा रही आशंकाएं अब वास्तविकता का रूप लेती दिख रही हैं।
चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। कंपनी के अनुसार, उसके दो अत्याधुनिक एआई मॉडल परीक्षण के दौरान तय सुरक्षा सीमाओं से बाहर निकल गए और एक डिजिटल लाइब्रेरी हगिंग फेस तक पहुंच गए। साइबर सुरक्षा परीक्षण के दौरान सैंडबॉक्स की सुरक्षा तोड़कर इंटरनेट तक पहुंच गए और हगिंग फेस डिजिटल लाइब्रेरी में घुसपैठ की। कंपनी ने इसे गंभीर सुरक्षा घटना माना है और भविष्य में कड़े सुरक्षा उपाय लागू करने की घोषणा की है। इस बीच अमेरिकी प्रशासन भी एआई सुरक्षा नियमों को और सख्त करने की तैयारी में है।
यह घटना उस समय हुई, जब ओपनएआई अपने एआई मॉडल्स की साइबर सुरक्षा क्षमताओं का परीक्षण कर रहा था।
सैम ऑल्टमैन ने क्या स्वीकार किया ?
ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सैम ऑल्टमैन ने स्वीकार किया कि चोरी किए गए क्रेडेंशियल्स और एक अज्ञात तकनीकी खामी का इस्तेमाल कर एआई मॉडल सर्वर तक पहुंचने में सफल रहे। उन्होंने कहा कि मॉडल्स के मूल्यांकन के दौरान कंपनी को एक गंभीर सुरक्षा घटना का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, एआई मॉडल्स की क्षमताएं जितनी तेजी से बढ़ रही हैं, उसी गति से उनकी सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करना होगा।