ज्ञानवापी, कृष्णजन्मभूमि व संभल विवाद के समाधान के लिए उच्चतम न्यायालय की बड़ी पहल; 21 अगस्त से लगेगी विशेष लोक अदालत, आज वाराणसी में अहम बैठक
वाराणसी। अपनी 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर प्रायोजित ‘समाधान समारोह 2026’ के तत्वावधान में उच्चतम न्यायालय ने एक ऐतिहासिक और अभिनव कदम उठाया है। न्यायालय ने निर्देश जारी किया है कि ज्ञानवापी-विश्वनाथ मंदिर, कृष्णजन्मभूमि और संभल विवादों के मामलों में हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों को बातचीत के माध्यम से किसी समुचित व सर्वमान्य समाधान तक पहुँचाने के लिए आगामी 21, 22 और 23 अगस्त को एक विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी सहमति से इन संवेदनशील और दीर्घकालिक विवादों का स्थायी समाधान खोजना है।
इसी क्रम में, शीर्ष अदालत के निर्देशों का अनुपालन करते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी विवाद से जुड़े दोनों पक्षों (हिंदू और मुस्लिम) के वादियों एवं अधिवक्ताओं को मध्यस्थता की प्रारंभिक प्रक्रिया के लिए आज, 14 जुलाई को वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर स्थित मध्यस्थता केंद्र में आमंत्रित किया गया है। इस बैठक में सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत की रूपरेखा और भावी रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
‘ज्ञानवापी विवाद’ पर शोधपरक पुस्तक का लेखन अंतिम चरण में
इस बड़े विधिक और सामाजिक घटनाक्रम के बीच, ‘ज्ञानवापी विवाद’ के विभिन्न पहलुओं, ऐतिहासिक तथ्यों और जमीनी वास्तविकताओं को उजागर करती त्रिलोक नाथ पाण्डे की एक महत्वपूर्ण पुस्तक भी जल्द ही पाठकों के सामने आने वाली है। पिछले तीन वर्षों के गहन शोध, दस्तावेजी साक्ष्यों और निजी अनुभवों के आधार पर लिखी जा रही यह पुस्तक अब पूर्ण होने की संभावना के अत्यंत निकट है। माना जा रहा है कि यह पुस्तक इस जटिल विषय को निष्पक्ष और विस्तृत रूप से समझने में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगी।