आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,

नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी और बंधक बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड सहित 7 गिरफ्तार
जौनपुर। उत्तर प्रदेश की जौनपुर जिला पुलिस ने बेरोजगार युवाओं को रोजगार का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय फर्जी मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) और पिरामिड चेन नेटवर्क गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस संगठित अपराध के मुख्य सरगना सहित सात अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। वित्तीय जांच के दौरान मुख्य आरोपी के बैंक खाते से लगभग ₹34 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
ठगी और मानसिक उत्पीड़न का सुनियोजित तंत्र
यह गिरोह बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के सीधे-साधे बेरोजगार युवाओं को ₹25,000 प्रति माह के वेतन की नौकरी का प्रलोभन देकर जाल में फंसाता था।
पहला चरण (भ्रामक आमंत्रण): युवाओं को दूरभाष के माध्यम से संपर्क कर साक्षात्कार के बहाने वाराणसी बुलाया जाता था।
दूसरा चरण (वित्तीय शोषण): साक्षात्कार की औपचारिकता के बाद, पंजीकरण शुल्क के नाम पर प्रति अभ्यर्थी ₹30,000 से ₹35,000 की अवैध वसूली की जाती थी। एवज में उन्हें महज कुछ दैनिक उपयोग की वस्तुएं (कपड़े, तेल, साबुन) थमा दी जाती थीं।
तीसरा चरण (बंधक बनाना और दबाव): इसके पश्चात युवाओं को एक निश्चित परिसर में रखकर प्रशिक्षण के नाम पर उनका मानसिक ब्रेनवॉश किया जाता था। प्रत्येक पीड़ित पर तीन नए सदस्यों को जोड़ने का तीव्र दबाव बनाया जाता था। दिशा-निर्देशों का पालन न करने पर न तो उन्हें वेतन दिया जाता था और न ही उनकी जमा राशि वापस की जाती थी।
पुलिसिया कार्रवाई और बंधकों की मुक्ति
इस संगठित रैकेट का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक (SP) के मोबाइल नंबर पर गुप्त संदेश भेजकर अपनी आपबीती साझा की। संदेश में उल्लेख था कि नौकरी के नाम पर दर्जनों युवाओं से धन उगाही कर उन्हें लाइन बाजार थाना क्षेत्र के पचहटिया गांव स्थित एक मकान में अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा गया है।
क्षेत्राधिकारी (सीओ सिटी) गोल्डी गुप्ता के अनुसार, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त ठिकाने पर छापेमारी की और वहां बंधक बनाकर रखे गए सभी युवाओं को सकुशल मुक्त कराया।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पीड़ितों की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुख्य सरगना राहुल राजभर सहित कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से निम्नलिखित सामग्रियां जब्त की हैं:
वाहन: 1 महिंद्रा थार, 1 रॉयल एनफील्ड बुलेट, 1 बजाज पल्सर मोटरसाइकिल।
उपकरण: 11 एंड्रॉइड मोबाइल फोन।
अन्य: ₹600 नकद एवं फर्जी कंपनियों से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज।
जांच में बड़ा खुलासा: प्रारंभिक विवेचना के अनुसार, यह गिरोह ‘MS EARTH इंटरप्राइजेज’ और ‘Royal Health Wellness Private Limited’ नामक फर्जी संस्थाओं के बैनर तले इस अवैध नेटवर्क का संचालन कर रहा था। मुख्य आरोपी राहुल राजभर के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खाते में मिले ₹34 करोड़ के लेन-देन ने अपराध के व्यापक स्तर को उजागर किया है।
पुलिस प्रशासन अब इस वित्तीय अपराध के अंतरराष्ट्रीय या अंतरराज्यीय कड़ियों को जोड़ने तथा इस गिरोह के सह-आरोपियों की धरपकड़ के लिए विस्तृत जांच कर रहा है।