आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,

रेलवे अवसंरचना के आधुनिकीकरण की मांग: जौनपुर उद्योग व्यापार मंडल ने वाणिज्य निरीक्षक को सौंपे महत्वपूर्ण सुझाव
जौनपुर। जौनपुर के ऐतिहासिक और व्यापारिक महत्व को रेखांकित करते हुए जौनपुर उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष दिनेश टंडन ने जनपद के रेलवे ढांचे को आधुनिक और समय के अनुकूल बनाने की पुरजोर वकालत की है। रेल मंत्रालय के निर्देश पर वाराणसी से आए उत्तर रेलवे के वाणिज्य निरीक्षक (सीएमआई) रामनिवास यादव से एक शिष्टमंडल ने भेंट की। इस औपचारिक बैठक के दौरान जिलाध्यक्ष ने जौनपुर जंक्शन के चहुंमुखी विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार से संबंधित एक विस्तृत सुझाव पत्र सौंपा, जिसे रेल मंत्री तथा रेलवे के शीर्ष नीति-निर्धारकों तक प्रेषित करने का आग्रह किया गया है।
वार्ता के दौरान दिनेश टंडन ने इस बात पर विशेष बल दिया कि जौनपुर जंक्शन पर एक आधुनिक रेलवे यार्ड, वॉशिंग सेंटर, शेडिंग व्यवस्था और साइडिंग रैक की स्थापना अत्यंत अपरिहार्य हो चुकी है। इन तकनीकी सुविधाओं के विकसित होने से न केवल स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को संबल मिलेगा, बल्कि जनपद के किसानों, क्षेत्रीय उद्यमियों और माल ढुलाई से जुड़े व्यवसायियों को भी सीधा आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने बदलती आवश्यकताओं के दृष्टिगत जौनपुर से देश के प्रमुख व्यावसायिक महानगरों के लिए नई रेल सेवाओं के संचालन को समय की मांग बताया।
बैठक में उपस्थित सब्जी-फल व्यापार समिति के प्रदेश मंत्री व महामंत्री महेंद्र सोनकर ने जंक्शन पर यार्ड और वॉशिंग सेंटर की स्थापना में गति लाने की मांग दोहराई। उन्होंने जौनपुर को बड़े व्यापारिक केंद्रों से जोड़ने के लिए ‘मां शीतला एक्सप्रेस’ के नाम से एक नई रेल सेवा प्रारंभ करने का लिखित प्रस्ताव भी रखा।
इसी क्रम में संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष सोमेश्वर केसरवानी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रेलवे अवसंरचना के समुचित विकास के अभाव में जौनपुर का ऐतिहासिक व पारंपरिक ‘चमेली सुगंधित तेल उद्योग’ प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुआ है। नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राधेरमण जायसवाल और सब्जी-फल व्यापार समिति के अध्यक्ष राजमणि यादव ने भी जंक्शन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने तथा ट्रेनों के ठहराव व फेरे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस महत्वपूर्ण विमर्श और ज्ञापन सौंपने के अवसर पर संतोष अग्रहरि, छब्बूलाल सोनकर, रामकुमार साहू, सुरेश सोनकर, नरसिंह अवतार जायसवाल, रामआसरे मौर्य, रत्तीलाल सोनकर, आशीष माली, पप्पू सोनकर, बाबाजी, विजय सोनकर, राकेश जायसवाल, यशवंत साहू तथा चंदन जायसवाल सहित व्यापारिक समुदाय के अनेक गणमान्य प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।