Alok Verma, Jaunpur Bueauro,
IGRS पोर्टल की उड़ रही धज्जियां: बिजली विभाग के अधिकारी शिकायतें टालने में मशगूल, उपभोक्ता परेशान
जौनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘आईजीआरएस जनसुनवाई पोर्टल’ को जौनपुर में बिजली विभाग के लापरवाह अधिकारी और कर्मचारी पलीता लगाने में जुटे हैं। सरकार का सख्त निर्देश है कि पोर्टल पर आने वाली हर जनसमस्या का तय समय के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए, लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगातार यह शिकायतें आ रही हैं कि बिजली विभाग के संबंधित अधिकारी उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें टालने के बहाने ढूंढ रहे हैं। पीड़ित उपभोक्ताओं का आरोप है कि लो-वोल्टेज, जर्जर तार, खराब ट्रांसफार्मर और बिजली बिलों की गड़बड़ी जैसी गंभीर समस्याओं को लेकर जब वे आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज करते हैं, तो विभाग के जिम्मेदार अधिकारी बिना मौके पर जांच किए या बिना समस्या का समाधान किए ही पोर्टल पर ‘फर्जी निस्तारण आख्या’ (जबरन क्लोजर रिपोर्ट) अपलोड कर देते हैं।
बिना काम किए ही बंद कर दी जा रही हैं शिकायतें
कई मामलों में तो उपभोक्ताओं को बिना बताए ही उनकी शिकायत को यह कहकर बंद कर दिया जाता है कि “समस्या का समाधान करा दिया गया है”, जबकि उपभोक्ता आज भी अंधेरे में रहने या गलत बिल सुधारने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। अधिकारियों के इस ढुलमुल रवैये के कारण पीड़ित जनता को बार-बार ‘डिफॉल्टर’ श्रेणी में शिकायतें दोबारा दर्ज करानी पड़ रही हैं।
उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
बिजली विभाग की इस घोर लापरवाही को लेकर स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों में भारी आक्रोश है। उपभोक्ताओं ने जिलाधिकारी (DM) और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक (MD) से मांग की है कि आईजीआरएस पोर्टल पर फर्जी और टालमटोल वाली रिपोर्ट लगाने वाले दोषी अधिशासी अभियंताओं (XEN) और सब-डिवीजनल अफसरों (SDO) के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए और उनकी जवाबदेही तय की जाए।