महामहिम के ‘पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर’ ने पेश की इंसानियत की मिसाल

आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,

महामहिम के ‘पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर’ ने पेश की इंसानियत की मिसाल

जान पर खेलकर आग की लपटों से बचाई 6 छात्रों की जिंदगी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में उस वक्त एक बड़ा हादसा टल गया, जब महामहिम राज्यपाल के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी) समरजीत सिंह ने देवदूत बनकर कोचिंग सेंटर में फंसे 6 छात्रों की जान बचा ली। जहां एक तरफ लोग मोबाइल से वीडियो बनाने में मशरूफ थे, वहीं इस जांबाज पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर ने अपनी जान की परवाह न करते हुए जलती इमारत में छलांग लगा दी।
ड्यूटी से घर लौटते समय दिखा खौफनाक मंजर
मिली जानकारी के मुताबिक, राजभवन (जन भवन) में तैनात पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर समरजीत सिंह सोमवार दोपहर करीब 2:00 बजे अपनी ड्यूटी खत्म कर घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर की इमारत से उन्हें धुएं का गुबार और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। कोचिंग के अंदर फंसे छात्र खिड़कियों से मदद के लिए चीख-पुकार मचा रहे थे।
वीडियो बनाने वालों की भीड़ के बीच बने ‘फरिश्ता’
हादसे के वक्त मौके पर तमाशबीनों की भारी भीड़ जमा थी जो इस दर्दनाक मंजर का वीडियो बना रही थी। पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां अभी रास्ते में ही थीं। ऐसे में पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर समरजीत सिंह ने एक पल भी गंवाए बिना मोर्चा संभाल लिया।
तारों का सहारा: खिड़की से नीचे गिरने की कोशिश कर रहे छात्रों को समरजीत ने तारों के जरिए नीचे उतारने में मदद की और उन्हें सहारा दिया।
दीवार तोड़कर बनाया रास्ता: इमारत के पिछले हिस्से में दीवार को तोड़कर एक मैनहोल (रास्ता) बनाया जा रहा था। समरजीत ने खुद आगे बढ़कर उस रास्ते को पूरा कराया।
आग के बीच ली एंट्री: इसके बाद उन्होंने पानी की बौछार हाथ में ली और घने धुएं व आग के बीच धीरे-धीरे इमारत के अंदर दाखिल हो गए। उन्होंने सूझबूझ का परिचय देते हुए वहां फंसे 6 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
“सुकून है कि मैं 6 जिंदगियां बचा सका” — समरजीत सिंह
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले अनुभव को साझा करते हुए पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर समरजीत सिंह ने कहा:
“सोमवार दोपहर जब मैं घर लौट रहा था, तो अलीगंज में कोचिंग सेंटर से बच्चों के चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। उस वक्त वहां कौन क्या कर रहा था, मुझे नहीं पता। मुझे जो सही लगा, मैंने बस वो किया। दिल को बेहद सुकून है कि मेरे इस प्रयास से 6 मासूम बच्चों की जान बच गई। यह एक ऐसा मंजर था जिसे मैं कभी भूल नहीं सकता।”
हर तरफ हो रही है बहादुरी की तारीफ
जिस भीषण आग के पास जाने की हिम्मत कोई आम इंसान नहीं जुटा पा रहा था, वहां पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर समरजीत सिंह ने अदम्य साहस का परिचय दिया। इस साहसिक कार्य के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग, राजभवन के अधिकारियों और आम जनता द्वारा उनकी जमकर सराहना की जा रही है। समरजीत सिंह ने यह साबित कर दिया कि खाकी वर्दी सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं संभालती, बल्कि वक्त आने पर रक्षक बनकर मौत के मुंह से जिंदगी भी छीन लाती है।

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