आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,
डीएम जौनपुर की सख्ती से ITI परीक्षा परिणामों में दिखा बड़ा फेरबदल
अवध केसरी की खबर का दिखा असर
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में आईटीआई (ITI) परीक्षाओं में व्याप्त कथित अव्यवस्था और धांधली पर ‘अवध केसरी’ द्वारा प्रकाशित प्रमुख समाचार का व्यापक असर देखने को मिला है। खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन और जिलाधिकारी (DM) जौनपुर की कड़ी निगरानी व कड़े निर्देशों के चलते जारी हुए परीक्षा परिणामों में एक बड़ा और चौंकाने वाला फेरबदल दर्ज किया गया है।
दो तिथियों के दो अलग परिणामों से खुली आईटीआई परीक्षा और वर्षों पुरानी धांधली की पोल
विभागीय सूत्रों व प्राप्त विवरणों के अनुसार, 20 जुलाई से पूर्व आयोजित की गई परीक्षाओं का पास प्रतिशत असामान्य रूप से 95% दर्ज किया गया था, जो कि पिछले कई सालों से लगातार इसी तरह 95% के आसपास आता रहा था। वहीं, ‘अवध केसरी’ द्वारा मामले का खुलासा किए जाने और 20 जुलाई के बाद जिलाधिकारी जौनपुर के कड़े रुख व दिए गए स्पष्ट निर्देशों के फलस्वरूप यह पास प्रतिशत सीधे गिरकर 40% पर आ गया।
दो अलग-अलग तिथियों के परिणामों में आया यह 55% का भारी अंतर साफ़ तौर पर यह सिद्ध करता है कि पिछले कई वर्षों से परीक्षा केंद्रों पर किस कदर व्यापक स्तर पर धांधली और अनियमितताएं बरती जा रही थीं। जिलाधिकारी जौनपुर के निर्देशों और कड़े प्रशासनिक कदमों के चलते नकल व अवैध वसूली के सिंडिकेट पर पूर्ण विराम लगा, जिससे वर्षों बाद वास्तविक और पारदर्शी परिणाम सामने आ सका।
प्रेस काउंसिल के मानकों और खबर की सत्यता पर लगी मुहर
भारतीय प्रेस परिषद (PCI) के दिशा-निर्देशों एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के स्थापित मानकों का पालन करते हुए प्रकाशित इस समाचार के बाद जहां संस्थान के जिम्मेदार अधिकारियों में हड़कंप मच गया था, वहीं इस परिणाम ने खबर की सत्यता को शत-प्रतिशत प्रामाणिक साबित कर दिया है। निष्पक्ष जांच और पारदर्शी व्यवस्था की मांग को लेकर उठाई गई आवाज का ही नतीजा है कि योग्य अभ्यर्थियों को उनका
वास्तविक परिणाम मिला है।
(यह समाचार रिपोर्ट जनहित में विभागीय सूत्रों व प्राथमिक सूचनाओं पर आधारित है। संबंधित पक्ष को अपना आधिकारिक वक्तव्य देने का पूर्ण अधिकार है, जिसे प्राप्त होने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)