ब्यूरो,
Adani Case में US जज ने मांगे सरकार से कागजात आंकड़े
USA…
2024 में बाइडन सरकार के समय अमेरिका की अदालत में गौतम अडानी और उनकी कंपनी के ऊपर भारी आरोप लगे थे कि उन्होंने भारत के एक राज्य (आंध्र प्रदेश) में सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए अधिकारियों को 250-265 मिलियन डॉलर यानि करीब 2500 करोड़ रुपये की रिश्वत दी और साथ ही अमेरिकी निवेशकों से ये बात छुपाई।
फिर ट्रंप सरकार आई। मई 2026 में अमेरिकी DOJ (Justice Department) ने अचानक कहा – “हम इस केस पर और समय नहीं लगाएंगे।” केस को हमेशा के लिए बंद करने की मांग की। लोग कह रहे हैं कि ये अडानी के 15 बिलियन डॉलर (लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये) अमेरिका में निवेश करने का वादा करने के बाद हुआ। इसके लिए अडानी ने ट्रंप के एक मशहूर वकील को भी अपनी टीम में रखा था। ट्रंप जूनियर से भी उनकी मुलाकात की खबर आई थी।
इसी आधार पर अडानी की तरफ से वकीलों ने 24 जून को जज से अनुरोध किया कि – “केस फौरन बंद कर दिया जाए “!
लेकिन अब 26 जून 2026 को ब्रुकलिन के जज Nicholas Garaufis ने कहा – “नहीं! तुरंत बंद नहीं होगा।”
जज ने DOJ की चिट्ठी को”बहुत छोटी, बिना वजह बताए” बताया और लिखा: “सरकार ने पर्याप्त कारण या फैक्ट्स नहीं दिए। हमें पूरी डिटेल चाहिए।” DOJ को 13 जुलाई तक हर वजह और सबूत के साथ जवाब देना होगा। उसके बाद ही जज फैसला करेंगे।
अब क्या होगा ?
13 जुलाई को DOJ क्या जवाब देगा ?
केस बंद हो जाएगा या…