लेखा विभाग की लापरवाही: सैकड़ों सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन फाइलें अटकीं, ट्रेजरी सिंगल विंडो सिस्टम पर उठे सवाल
आलोक वर्मा संवाददाता
*लखनऊ।* लखनऊ नगर निगम के लेखा विभाग (एकाउंट्स डिपार्टमेंट) में सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) कर्मचारियों की पेंशन और ग्रेच्युटी फाइलों के निस्तारण में हो रही अत्यधिक देरी का मामला इस समय प्रशासनिक गलियारों में गरमाया हुआ है। शासन द्वारा लागू किए गए ‘ट्रेजरी सिंगल विंडो सिस्टम’ के बावजूद लेखा विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण सैकड़ों बुजुर्ग पूर्व कर्मचारी पिछले कई महीनों से अपने ही हक के पैसे के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासन ने पेंशन भुगतान को पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए ऑनलाइन सेंट्रलाइज्ड सिस्टम अनिवार्य किया था। नियम के मुताबिक, कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने के एक महीने के भीतर उसकी पेंशन और पीएफ का अंतिम भुगतान हो जाना चाहिए। लेकिन लेखा विभाग के संबंधित पटलों (डेस्क) पर मैन्युअल वेरिफिकेशन और पुरानी फाइलों के मिलान के नाम पर महीनों तक फाइलों को दबाकर रखा जा रहा है। आरोप है कि फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए जानबूझकर तकनीकी आपत्तियां (क्वेरी) लगाई जा रही हैं, जिससे कर्मचारियों का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न हो रहा है।
कर्मचारी संगठनों ने इस अव्यवस्था के खिलाफ सीधे नगर आयुक्त और मेयर से शिकायत दर्ज कराई है। संगठनों का आरोप है कि लेखा विभाग के कुछ बाबू और अधिकारी जानबूझकर ऑनलाइन व्यवस्था को सुचारू रूप से काम नहीं करने दे रहे हैं, ताकि मैन्युअल दखल का स्कोप बना रहे। बढ़ते विवाद और पेंशनर्स के विरोध प्रदर्शन की चेतावनी के बाद अब नगर निगम प्रशासन ने लेखा विभाग को कड़ा रुख दिखाया है। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि अगले पंद्रह दिनों के भीतर लंबित पड़ी सभी पेंशन फाइलों का विशेष कैंप लगाकर निस्तारण किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार लेखा अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।