Bueauro,
पत्रकार तरुण तेजपाल मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला पलटा
यह मामला नवंबर 2013 का है। गोवा में आयोजित THiNK Festival के दौरान एक महिला सहकर्मी ने आरोप लगाया था कि होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने दो बार उसके साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध यौन उत्पीड़न और बलात्कार किया। इसके बाद गोवा पुलिस ने उनके खिलाफ बलात्कार सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।
मई 2021 में गोवा की सत्र अदालत ने तरुण तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था। अदालत ने कहा था कि अभियोजन पक्ष संदेह से परे अपराध सिद्ध नहीं कर पाया।
इसके बाद गोवा सरकार ने इस बरी किए जाने के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी।
6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला पलट दिया और तरुण तेजपाल को दोषी (Convict) ठहराया। हाईकोर्ट ने माना कि ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए बरी करने के निर्णय में त्रुटियाँ थीं। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध होता है।
सजा क्या होगी, इस पर आगे सुनवाई होनी है। उस संबंध में आदेश होना अभी बाकी है।