संसद परिसर में 2003 से कोल्ड ड्रिंक्स पर रोक: कीटनाशक अवशेषों की रिपोर्ट के बाद लिया गया था फैसला

Alok Verma, Jaunpur Bueauro,

संसद परिसर में 2003 से कोल्ड ड्रिंक्स पर रोक: कीटनाशक अवशेषों की रिपोर्ट के बाद लिया गया था फैसला

नई दिल्ली। संसद परिसर की कैंटीनों में एरेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स (कार्बोनेटेड कोल्ड ड्रिंक्स) की बिक्री और आपूर्ति वर्ष 2003 में रोक दी गई थी। यह निर्णय उस समय लिया गया था जब एक रिपोर्ट में कुछ प्रमुख सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांडों में कीटनाशक अवशेष (Pesticide Residues) पाए जाने का दावा किया गया था।

रिपोर्ट सामने आने के बाद संसद में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई थी। तत्कालीन संसद खाद्य प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ई. अहमद ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को देखते हुए संसद परिसर की कैंटीनों और खाद्य सेवा केंद्रों में एरेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स की आपूर्ति तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया था।

उस समय कोका-कोला, पेप्सी सहित अन्य कार्बोनेटेड पेय पदार्थों को संसद परिसर से हटाने का फैसला लिया गया था। निर्णय के पीछे खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुख कारण बताया गया था।

बाद में इस पूरे मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का भी गठन किया गया था। इस विवाद ने देश में खाद्य सुरक्षा मानकों और पेय पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर व्यापक बहस को जन्म दिया था।

उपलब्ध आरटीआई दस्तावेजों और सार्वजनिक अभिलेखों के अनुसार संसद परिसर में एरेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स पर लगाया गया प्रतिबंध लंबे समय तक प्रभावी रहा। हालांकि यह प्रतिबंध केवल संसद परिसर की कैंटीनों और खाद्य सेवा केंद्रों तक सीमित था।

महत्वपूर्ण बात यह है कि यह कोई देशव्यापी प्रतिबंध नहीं था। आम उपभोक्ताओं के लिए बाजार में कोल्ड ड्रिंक्स की बिक्री पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई थी और वे सामान्य रूप से उपलब्ध रहीं।

इस प्रकार संसद परिसर में कोल्ड ड्रिंक्स पर रोक का निर्णय वर्ष 2003 में सामने आई कीटनाशक अवशेषों संबंधी रिपोर्ट और उससे उत्पन्न स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के आधार पर लिया गया था।

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