IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II

Alok Vajpeyee (Astrologer),
🕉 दुर्गति नाशिनी दुर्मति हारिणी
दुर्ग निवारण दुर्गा मां,
भवभय हारिणी भवजल तारिणी
सिंह विराजिनी दुर्गा मां।
अर्थात-: दुर्गति का नाश करने वाली, दुर्मति का नाश करने वाली, दुर्ग अर्थात कठिनाइयों को दूर करने वाली, भव भय से दूर करने वाली, भव सागर से पार कराने वाली, सिंह में विराजमान रहने वाली माता दुर्गा को प्रणाम है
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🙌🙌🙌 हर हर महादेव 🙌🙌🙌
🕉 जय माता की 🙏🙏 🙏🙏🌱🌹
IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II
🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹
विक्रम संवत 2083
संवत्सर नाम -: रौद्र
संवत्सर राजा-: गुरु
संवत्सर मंत्री-: मंगल
🌕सूर्य उत्तरायण, ऋतु-: वर्षा
सूर्य उदय : प्रातः 5/41
सूर्य अस्त : सायं 7/14
📺 आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि
अंग्रेजी दिनांक-: 22/7/2026
दिन-: बुद्धवार
🌕 चंद्रमा-: तुला राशि में
🥳राशि स्वामी-: शुक्र
🌱 आज का नक्षत्र – स्वाति रात्रि 11/04 बजे तक उसके बाद विशाखा
💓 नक्षत्र स्वामी – : राहु/गुरु
✨️ चंद्रमा का नक्षत्र चरणों में प्रवेश काल
प्रात: 7/55 से स्वाति नक्षत्र चरण 3 में
दोपहर 2/22 से स्वाति नक्षत्र चरण 4 में
सायं 7/55 से स्वाति नक्षत्र चरण 1 में
रात्रि 11/04 से विशाखा नक्षत्र चरण 1 में
आज का करण और योग आदि
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🪐 करण-: सायं 6/11 तक बालव-: बालव करण व्यक्ति को आध्यात्मिक स्वभाव प्रदान करता है। बालव करण में जन्मे लोग तीर्थयात्रा कर सकते हैं और अपने जीवन का अधिक समय आध्यात्मिक गतिविधियों में व्यतीत कर सकते हैं।
उसके बाद-:कौलव-: कौलव करण में जन्मे व्यक्ति बहुत मिलनसार होते हैं। यह करण अपने लोगों को प्रेम और देखभाल जैसे कुछ बेहतरीन गुण प्रदान करता है।
🔥 योग-: सायं 6/42 तक साध्य: यह एक शुभ योग है, शुभ कार्यों के लिये अच्छा
उसके बाद शुभ-: नाम के अनुसार शुभ कार्यों के लिये शुभ
🪴 आज के भद्रा, पंचक, त्यौहार आदि
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भढ़ली नवमी, गुप्त नवरात्र समाप्त, सूर्य सायन सिंह में
आज की शुभ दिशा -: दक्षिण,पूर्व, दक्षिण-पश्चिम
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♻️ दिशा शूल-: उत्तर दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर धनिया और तिल खाकर प्रस्थान करें
आज की ग्रह स्थिति -:
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🌷सूर्य -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र) पुष्य नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🛑मंगल -: वृष राशि (राशि स्वामी शुक्र) रोहिणी नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी चंद्र)
🌱 बुद्ध (वक्री) -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🌕गुरु (अस्त) -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र) पुष्य नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
💃 शुक्र -: शुक्र सिंह राशि (राशि स्वामी सूर्य)पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी शुक्र) रात्रि 10/27 से चरण 3 में
🌊 शनि-: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु) रेवती नक्षत्र चरण 2 में( नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
🎥 राहु-: कुंभ (राशि राशि स्वामी शनि)शतभिषा नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी राहु)
🛐केतु-: सिंह राशि( राशि स्वामी सूर्य) मघा नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी केतु)
🤬राहु काल -: दोपहर 12/00 से 1/30 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य प्रारंभ न करें
प्रात: 5/14 तक मिथुन
7/35 तक कर्क
दोपहर 9/54 तक सिंह
12/09 तक कन्या
2/28 तक तुला
सायं 4/47 तक वृश्चिक
6/51 तक धनु
8/34 तक मकर
10/02 तक मकर
11/26 तक कुम्भ