Bueauro,
मई 2026 में RBI द्वारा अपने Gold रिजर्व में से 12 बिलियन डॉलर का सोना बेचने का Bloomberg ने किया खुलासा
“Bloomberg” ने मई 2026 में रिजर्व बैंक द्वारा अपने Gold रिजर्व में से 12 बिलियन डॉलर का सोना बेचने का खुलासा किया है। जवाब में रिजर्व बैंक का बयान जारी कर कहा है कि ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट सही नहीं है और रिजर्व बैंक का स्वर्ण भंडार 880.52 टन पर यथावत है।
लेकिन रिजर्व बैंक के अपनी सफाई में दिये आंकड़ों में 880.52 टन स्वर्ण भंडार की स्थिति 24 अप्रैल 2026 की तारीख तक दिखाई गई है। इसे देखते हुए अर्थशास्त्री सवाल कर रहे हैं कि जो दावा ब्लूमबर्ग ने मई में सोना बेचने का किया है उस पर स्थिति तभी साफ होगी जब 1 जून तक के आंकड़े के साथ रिजर्व बैंक बताए कि क्या अब भी 880.52 टन सोना उसके पास मौजूद है ?
आर्थिक मामलों के पत्रकार उज्जवल नानावती ने RBI की सफ़ाई की समीक्षा की है।
उनके अनुसार….
“आरबीआई ने ब्लूमबर्ग की खबर को खारिज करते हुए कहा है कि उसने कोई सोना नहीं बेचा है। लेकिन यह स्पष्टीकरण कई सवाल खड़े कर रहा है, जवाब कम दे रहा है।
मुख्य समस्याएँ :
1 – आरबीआई ने जो आंकड़े दिए हैं, वे सिर्फ 24 अप्रैल तक के हैं। जबकि ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट 22 मई तक की बात कर रही है। यानी आरबीआई का जवाब अधूरा और गलत है।
2 – आरबीआई के ही और नए आंकड़ों में उस अवधि में सोने का भंडार घटा है, जबकि उस हफ्ते सोने की कीमतें बिल्कुल स्थिर (flat) थीं। कीमतें नहीं बदलीं तो भंडार घटना का मतलब साफ है — आरबीआई ने सोना बेचा है।
ये गणनाएँ India Bullion and Jewellers Association (IBJA) की कीमतों पर आधारित हैं। अगर आरबीआई सही कह रहा है तो ये आंकड़े मैच नहीं कर रहे।
ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स ने कहा है कि मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान सिर्फ करीब 40 करोड़ डॉलर का था। बाकी कमी सिर्फ सोना बेचने से ही हो सकती है।