Alok Verma, Jaunpur Bueauro,
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और फाल्ट से जनता में भारी आक्रोश
बिजली संकट पर मंत्री और नगर विधायक गिरीश यादव से बढ़ी जनता की नाराजगी
जौनपुर। भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और फाल्ट से जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग बिजली संकट से परेशान हैं। दिन और रात में कई-कई बार बिजली कटने से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। रात में बिजली के बार-बार आने-जाने से लोगों की नींद हराम हो गई है, जबकि छोटे बच्चे, बुजुर्ग और मरीज सबसे अधिक परेशान हैं।
शहर के सिटी स्टेशन, नईगंज, उमरपुर, हरिवंधनपुर, अहमद खां मंडी, सद्भावना कालोनी, रामाश्रम कालोनी सहित कई इलाकों में करीब करीब पूरे शहर में घंटों बिजली गायब रहने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लो-वोल्टेज और बार-बार फाल्ट की समस्या बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग समय पर समाधान नहीं कर रहा है।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा लगातार बिजली व्यवस्था सुधारने और निर्बाध आपूर्ति के दावे कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को फाल्ट पर तत्काल कार्रवाई और बिजली व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके बावजूद जौनपुर में हालात सुधरते नजर नहीं आ रहे हैं।
वहीं जौनपुर के प्रभारी मंत्री एवं शहर विधायक गिरीश यादव को लेकर जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि बिजली संकट जैसे गंभीर मुद्दे पर उनकी ओर से अब तक कोई बड़ी समीक्षा बैठक, सख्ती या जमीनी पहल दिखाई नहीं दी है। जनता का आरोप है कि मंत्री को बिजली विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तत्काल बैठक कर युद्धस्तर पर समस्या समाधान की कार्रवाई करनी चाहिए थी।
लोगों का कहना है कि जर्जर तार, ओवरलोड ट्रांसफार्मर और बार-बार फाल्ट बिजली संकट की मुख्य वजह बने हुए हैं। कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रहने से पेयजल संकट भी गहराने लगा है। व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है, वहीं छात्र गर्मी और बिजली संकट के कारण पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।
जनता का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि और प्रशासन गंभीरता से मॉनिटरिंग करें, फाल्ट टीमों की संख्या बढ़ाई जाए तथा जर्जर लाइनों और ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदला जाए तो काफी राहत मिल सकती है। लेकिन वर्तमान स्थिति में लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है और जनता अब जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है।