Alok Verma, Jaunpur Bueauro,
बिजली संकट के बीच जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल, जनता में बढ़ा आक्रोश
जौनपुर। भीषण गर्मी के बीच जौनपुर जिले में लगातार बिजली कटौती, फाल्ट और लो-वोल्टेज की समस्या से आम जनता परेशान है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक घंटों बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
इसी बीच जिले में बिजली व्यवस्था को लेकर स्थानीय विधायक एवं राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गिरीश यादव की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि लंबे समय से जारी बिजली संकट के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित सुधार या सख्त मॉनिटरिंग दिखाई नहीं दे रही है।
आधिकारिक व्यवस्था के अनुसार बिजली आपूर्ति और फाल्ट सुधार का संचालन UPPCL/PuVVNL करता है, जबकि ट्रांसफार्मर, फीडर और लाइनों की मरम्मत विभागीय इंजीनियरों की जिम्मेदारी होती है। राज्य ऊर्जा विभाग नीति और बजट तय करता है। विधायक या मंत्री की भूमिका मुख्य रूप से जनता की शिकायतें शासन तक पहुंचाना, विभागीय अधिकारियों से समीक्षा कराना और क्षेत्रीय समस्याओं पर प्रशासनिक दबाव बनाना होती है।
जौनपुर के कई इलाकों में लगातार बिजली संकट की शिकायतें मिल रही हैं। नईगंज, सिटी स्टेशन, उमरपुर, अहमद खां मंडी, हरिवंधनपुर और आसपास के क्षेत्रों में बार-बार ट्रिपिंग, लंबे समय तक कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। ट्रांसफार्मर ओवरलोडिंग और जर्जर लाइनों को भी इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की नियमित मॉनिटरिंग, फाल्ट टीमों की त्वरित कार्रवाई और जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की जरूरत है। साथ ही यह अपेक्षा भी जताई जा रही है कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर इस समस्या पर अधिक सक्रिय भूमिका निभाएं।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा लगातार बिजली आपूर्ति सुधारने और व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश देने की बात करते रहे हैं, लेकिन जौनपुर में जमीनी स्थिति को लेकर असंतोष बना हुआ है।
फिलहाल बिजली संकट को लेकर जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है और लोग तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।