Alok Verma, Jaunpur Bueauro,


जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ संपन्न
जमीनी विवादों के त्वरित निस्तारण और मानसून की तैयारियों को लेकर दिए कड़े निर्देश
जौनपुर। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने आमजन की समस्याओं को बेहद गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर त्वरित व प्रभावी कार्यवाही करने के सख्त निर्देश दिए।
जमीनी विवादों और अवैध कब्जों पर सख्त रुख
समाधान दिवस के दौरान ग्राम मई निवासी शिवशंकर गोसाई ने तालाब और चकमार्ग की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। इस पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित कानूनगो और लेखपाल को मौके की जांच कर तत्काल अतिक्रमण हटवाने हेतु विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। वहीं, जमैथा निवासी छोटेलाल द्वारा चक सीमांकन के संबंध में दिए गए प्रार्थना पत्र पर जिलाधिकारी ने एसीओ चकबंदी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि समाधान दिवस में सबसे ज्यादा शिकायतें जमीनी विवादों से जुड़ी होती हैं, इसलिए इनका समाधान निचले स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर जाकर गुणवत्तापूर्ण ढंग से शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
वृहद पौधरोपण अभियान और जियो टैगिंग की तैयारियां
आगामी पौधरोपण अभियान को लेकर जिलाधिकारी ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को समयबद्ध तैयारियां पूर्ण करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि:
पौधों का उठान, भूमि का चिन्हांकन और गड्ढा खुदाई का कार्य समय से पूरा कर लिया जाए।
पौधरोपण के दिन ही सभी पौधों की जियो टैगिंग का कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण कराया जाए।
मानसून, जलभराव और स्वास्थ्य प्रबंधन
मानसून के आगमन को देखते हुए जिलाधिकारी ने जल निकासी के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराने की हिदायत दी। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को निर्देशित किया कि किसी भी विद्यालय परिसर में जलभराव की स्थिति पैदा न होने पाए। इसके साथ ही जनपद में संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से चलाने और गो-संरक्षण केंद्रों पर भूसा, चोकर व हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।
आपदा प्रबंधन और जन-जागरूकता पर जोर
जिलाधिकारी ने सचेत किया कि वर्षा ऋतु में सर्पदंश (सांप काटने) की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिसके लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने जनपदवासियों को सामुदायिक व व्यक्तिगत शौचालयों के उपयोग के लिए प्रेरित करने और आपदा की स्थिति (जैसे आकाशीय बिजली गिरना) में प्रभावित व्यक्तियों को 24 घंटे के भीतर राहत सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अंत में, जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से टीम भावना के साथ काम करने और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की अपेक्षा की।