आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,
पश्चिम बंगाल: प्रशासनिक सक्रियता और राजनीतिक तनाव चलते चुनावी परिदृश्य बनता
जा रहा संवेदनशील
पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान तैनात यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी Ajay Pal Sharma इन दिनों अपनी सख्ती को लेकर चर्चा में हैं। उन्हें खास तौर पर उन इलाकों की जिम्मेदारी दी गई है, जहां Trinamool Congress का प्रभाव ज्यादा माना जाता है और चुनाव के दौरान दबाव या अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं।
इसी क्रम में एक ऐसे क्षेत्र में, जहां कथित तौर पर जहांगीर बाबा नामक स्थानीय प्रभावशाली व्यक्ति का दबदबा बताया जाता है, अजयपाल शर्मा सीधे उसके घर पहुंच गए। हालांकि वह स्वयं वहां मौजूद नहीं मिला, लेकिन अधिकारियों ने उसके परिजनों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दे दी कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद टीएमसी से जुड़े कुछ नेताओं की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। बयान दिए गए हैं कि चुनाव परिणाम आने के बाद अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें उत्तर प्रदेश से बुलाकर जवाबदेह ठहराया जाएगा। राजनीतिक बयानबाजी में यह भी कहा गया कि उनके पीछे खड़े Bharatiya Janata Party के नेता भी उन्हें नहीं बचा पाएंगे।
फिलहाल, चुनावी माहौल में इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप और सख्त प्रशासनिक रुख दोनों ही समानांतर चल रहे हैं। यह स्पष्ट है कि इस बार प्रशासनिक सक्रियता और राजनीतिक तनाव, दोनों ने चुनावी परिदृश्य को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।