आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,

मिर्जापुर का नाम विंध्यवासिनी धाम करने की मांग तेज
मिर्जापुर का नाम विंध्यवासिनी धाम करने की मांग तेज, श्री चित्रगुप्त जी महाराज समाज पार्टी ने सीएम योगी को सौंपा प्रस्ताव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शहरों और ऐतिहासिक स्थलों के नाम बदलकर उनके पौराणिक और सांस्कृतिक गौरव को बहाल करने की मुहिम के बीच अब मिर्जापुर का नाम बदलने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है। श्री चित्रगुप्त जी महाराज समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिर्जापुर जनपद का नाम बदलकर विंध्यवासिनी धाम करने की औपचारिक मांग की है।
पार्टी का मानना है कि मिर्जापुर की असली पहचान वहां स्थित 51 शक्तिपीठों में से एक, मां विंध्यवासिनी के पावन धाम से है, इसलिए इस क्षेत्र को उनके नाम से ही जाना जाना चाहिए।
पौराणिक और सांस्कृतिक गौरव की बहाली का संकल्प
मामले को विस्तार से बताते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता धीरेश श्रीवास्तव ने कहा कि उनकी पार्टी ने हिंदुओं के इस बेहद पवित्र और पूज्य धाम को उसका वास्तविक पौराणिक गौरव वापस दिलाने का संकल्प लिया है।
धीरेश श्रीवास्तव ने कहा कि मिर्जापुर का इतिहास और पहचान सदियों से मां विंध्यवासिनी देवी के चरणों से जुड़ी है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहाँ अपनी आस्था लेकर आते हैं। ऐसे में इस पूरे क्षेत्र का नाम माता के नाम पर विंध्यवासिनी धाम होना करोड़ों सनातनी हिंदुओं की आस्था का सम्मान होगा।
पार्टी पदाधिकारियों का तर्क है कि मिर्जापुर नाम औपनिवेशिक और ब्रिटिश काल की देन महसूस होता है, जबकि विंध्यवासिनी धाम नाम से इस पूरे क्षेत्र की आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।
नाम बदलने के पीछे के मुख्य तर्क और मांगें
श्री चित्रगुप्त जी महाराज समाज पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के सामने अपनी मांग को पुख्ता करने के लिए निम्नलिखित बिंदु रखे हैं:
आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा: नाम बदलने से इस क्षेत्र की पहचान एक प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में सुदृढ़ होगी, जिससे विंध्य कॉरिडोर परियोजना के बाद पर्यटन को और गति मिलेगी।
सांस्कृतिक पहचान की पुनर्स्थापना: प्रयागराज और अयोध्या की तर्ज पर मिर्जापुर को भी उसके मूल आध्यात्मिक स्वरूप के नाम से जाना जाए।
जनभावनाओं का आदर: पूर्वांचल और देश भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं मां विंध्यवासिनी से जुड़ी हैं। यह बदलाव जनभावनाओं के अनुकूल होगा।
सरकार के पिछले फैसलों का दिया हवाला
पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय समर्थकों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमेशा से उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार को प्राथमिकता दी है। चाहे वह इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करना हो, या फैजाबाद का नाम अयोध्या करना। इसी कड़ी में मिर्जापुर का नाम बदलना भी एक ऐतिहासिक और स्वागत योग्य कदम होगा।
पार्टी ने जल्द ही इस संबंध में एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपने की बात कही है, ताकि इस मांग पर जल्द से जल्द प्रशासनिक और कैबिनेट स्तर पर मुहर लग सके।