प्रभारी मंत्री की बैठक में हंगामा, सांसद प्रशासन आमने-सामने

आलोक वर्मा, जौनपुर ब्यूरो,

प्रभारी मंत्री की बैठक में हंगामा, सांसद प्रशासन आमने-सामने

भाजपा नेता को बाहर निकालने पर बढ़ा तनाव, ग्राम पंचायत सचिव बना विवाद की जड़

जौनपुर।
पुलिस लाइन जौनपुर में आयोजित जिला स्तरीय प्रशासनिक एवं भाजपा समन्वय समिति की बैठक उस समय विवादों में घिर गई, जब संगठन और प्रशासन के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री तथा जनपद प्रभारी मंत्री एके शर्मा की अध्यक्षता में चल रही बैठक में भाजपा की राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई, जिससे पूरे सभागार का माहौल तनावपूर्ण हो उठा।

बैठक शुरू होते ही दिखने लगे असहज संकेत
बैठक की शुरुआत सामान्य रही, लेकिन कुछ ही देर में तल्खी साफ झलकने लगी। सांसद सीमा द्विवेदी ने बैठक में शामिल सदस्यों की वैधता पर सवाल उठाते हुए प्रभारी मंत्री से पूछा कि समन्वय समिति की बैठक में किन लोगों को शामिल होने का अधिकार है। उन्होंने इसकी अधिकृत सूची प्रस्तुत करने की मांग की।

सूची पढ़ते ही नेता को बाहर जाने का आदेश
प्रभारी मंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी ने सूची मंगवाकर सार्वजनिक रूप से पढ़ी। सूची में एक पूर्व कांग्रेसी, वर्तमान भाजपा नेता एवं पूर्व प्रत्याशी का नाम सामने आने पर उन्हें बैठक से बाहर जाने का निर्देश दे दिया गया। इस घटना से पार्टी पदाधिकारियों में असहजता फैल गई और बैठक के दौरान खुसर-फुसर शुरू हो गई।

ग्राम पंचायत सचिव का स्थानांतरण बना विवाद का केंद्र
इसके बाद सांसद सीमा द्विवेदी ने ग्राम पंचायत सचिव के स्थानांतरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस सचिव के खिलाफ उन्होंने भ्रष्टाचार की शिकायत दस से अधिक बार जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से की थी, उस पर कार्रवाई करने के बजाय उसका कार्यक्षेत्र बढ़ा दिया गया। सांसद ने इसे प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताते हुए जिलाधिकारी से सीधा जवाब मांगा।

प्रमुख सचिव का नाम पूछते ही बढ़ा तनाव
जिलाधिकारी ने जवाब में एक प्रमुख सचिव और एक भाजपा नेता की संस्तुति का हवाला दिया, लेकिन नाम बताने से बचते रहे। इस पर सांसद नाराज हो गईं और प्रमुख सचिव का नाम सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि वे स्वयं उनसे बात करेंगी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जब तक इस मामले का समाधान नहीं होगा, बैठक आगे नहीं बढ़ेगी।

प्रभारी मंत्री की समझाइश भी नहीं आई काम
प्रभारी मंत्री एके शर्मा ने स्थिति संभालने और एजेंडा आगे बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन सांसद अपने रुख पर अडिग रहीं। उनके सख्त तेवरों से प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया और बैठक का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।

समन्वय की बैठक में उठे बड़े सवाल
जहां बैठक का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों पर चर्चा करना थ।

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