Alok Verma, Jaunpur Bueauro,

विकास नैनवाल* द्वारा लिखित बाल कथा *’इशिता की सूझबूझ’* आप जल्द ही पढ़ पाएँगे
साहित्य विमर्श प्रकाशन को बताते हुए खुशी हो रही है *विकास नैनवाल* द्वारा लिखित बाल कथा *’इशिता की सूझबूझ’* आप जल्द ही पढ़ पाएँगे। बड़े साइज़ और रंगीन चित्रों से सुसज्जित इस बाल कथा में 35 पृष्ठ हैं।
*पुस्तक के विषय में:*
इशिता के दो ही शौक थे। घूमना और पढ़ना। आज वो बहुत खुश थी क्योंकि आज उसे अपने दोनों ही शौक पूरा करने का मौका मिलने वाला था। मामा के घर घूमने जाना और साथ ही, मेट्रो में किताब पढ़ना।
पर वह कहाँ जानती थी कि आज का सफर कुछ अलग सा होने वाला था।
उम्मीद ही बाल पाठकों का भरपूर प्यार इस पुस्तक को मिलेगा।