IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII

🕉 अयि गिरि नन्दिनी नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते
गिरिवर विन्ध्यशिरोधिनिवासिनी विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते ।
भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिकृते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि[१] शैलसुते ॥

अर्थ-हे हिमालायराज की कन्या,विश्व को आनंद देने वाली,नंदी गणों के द्वारा नमस्कृत,गिरिवर विन्ध्याचल के शिरो (शिखर) पर निवास करने वाली,भगवान् विष्णु को प्रसन्न करने वाली,इन्द्रदेव के द्वारा नमस्कृत,भगवान् नीलकंठ की पत्नी,विश्व में विशाल कुटुंब वाली और विश्व को संपन्नता देने वाली हे महिषासुर का मर्दन करने वाली भगवती!अपने बालों की लता से आकर्षित करने वाली पर्वत की पुत्री तुम्हारी जय हो,जय हो,जय हो ।

IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII

🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹
विक्रम संवत 2082
संवत्सर नाम -: सिद्धार्थी
संवत्सर राजा-: सूर्य
संवत्सर मंत्री-: सूर्य
🌕सूर्य उत्तरायण, ऋतु-: ग्रीष्म
सूर्य उदय : प्रातः 5/28
सूर्य अस्त : सायं 7/10
📺 ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि
अंग्रेजी दिनांक-: 30/5/2025

दिन-: शुक्रवार

🌕 चंद्रमा-: मिथुन राशि में दोपहर 3/43 तक उसके बाद कर्क राशि में

🥳राशि स्वामी-: बुद्ध/चंद्र

🌱 आज का नक्षत्र -: पुनर्वसु रात्रि 9/29 तक उसके बाद पुष्य
💓 नक्षत्र स्वामी – : गुरु/शनि

✨️ चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश-:
प्रात: 6/01 से पुनर्वसु नक्षत्र चरण 2 में
11/34 से पुनर्वसु नक्षत्र चरण 3 में
सायं 5/06 से पुनर्वसु नक्षत्र चरण 4 में
रात्रि 10/39 से पुष्य नक्षत्र चरण 1 में

🔥 योग-: गन्ड दोपहर 12/57 तक -: यह योग एक अशुभ योग है इस योग में कोई भी नया कार्य नहीं करना चाहिये , कई बाधाएं और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है
उसके बाद वृद्धि-: यह एक शुभ योग है इसमें किये गये सभी कार्य सफल होते हैं

आज के मुख्य पर्व/भद्रा/पंचक/गन्डमूल आदि
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🪴-: भद्रा प्रात: 10/21 से रात्रि 9/23 तक,
उमा अवतार -: आज के दिन पार्वती माता की पूजा करने से दरिद्रता दूर होती है और सुख समृद्धि आती है

♻️आज की शुभ दिशा -: उत्तर,पूर्व,उत्तर-पूर्व

♻️ दिशा शूल -: पश्चिम दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर जौ खाकर प्रस्थान करें

आज की ग्रह स्थिति -:
🌷सूर्य -: वृष राशि रोहिणी नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी चंद्र)
🛑मंगल -: कर्क राशि आश्लेषा नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी बुद्ध)

🌱 बुद्ध -: वृष राशि रोहिणी नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी चन्द्र)

🌕गुरु -: मिथुन राशि मृगशिरा नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी मंगल) रात्रि 4/42 से चरण 4 में
💃 शुक्र -: मीन राशि रेवती नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
🌊 शनि -: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी शनि)

🎥 राहु-: कुंभ राशि पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🛐केतु-: सिंह राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी सूर्य)

🤬राहु काल -: प्रात: 10/30 से 12/00 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य न करें

दैनिक लग्न सारणी -:

प्रात: 4/32 तक मेष
6/28 तक वृष
8/42 तक मिथुन
दोपहर 11/04 तक कर्क
1/20 तक सिंह
3/37 तक कन्या
सायं 5/55 तक तुला
रात्रि 8/14 तक वृश्चिक
10/18 तक धनु
12/05 तक मकर

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🙌🙌🙌 जय जय श्री राधे 🙌🙌🙌🙌

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