IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII


Alok Vajpeyee (Astrologer),
🕉 नाहं बिभेम्यजित तेऽतिभयानकास्य-जिह्वार्कनेत्रध्रुकुटीरभसोग्रदंष्ट्रात्।
आन्त्रस्त्रजः क्षतजकेसरशङ्कुकर्णा-न्निर्हादभीतदिगिभादरिभिन्नखाग्रात्।।
हे अजित ! जिसमें अति भयानक मुख और जिह्वा, सूर्य के समतुल्य देदीप्यमान नेत्र, भृकुटि का वेग एवं उग्र दाढ़ें हैं, जो आँतों की माला, रक्ताक्त सटाकलाप एवं सीधे खड़े हुए कानों से युक्त है, जिसके सिंहनाद ने दिग्गजों को भी भयभीत कर दिया है तथा जिसके नखाग्र शत्रु को विदीर्ण करने वाले हैं, आपके उस भयंकर स्वरूप से मुझे कुछ भी भय नहीं है।
IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII
🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹
विक्रम संवत 2082
संवत्सर नाम -: सिद्धार्थी
संवत्सर राजा-: सूर्य
संवत्सर मंत्री-: सूर्य
🌕सूर्य उत्तरायण, ऋतु-: ग्रीष्म
सूर्य उदय : प्रातः 5/37
सूर्य अस्त : सायं 6/59
📺 वैशाख मास शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि
अंग्रेजी दिनांक-: 11/5/2025
दिन-: रविवार
🌕 चंद्रमा-: तुला राशि में
🥳राशि स्वामी-: शुक्र
🌱 आज का नक्षत्र -: स्वाति
💓 नक्षत्र स्वामी – : राहु
✨️ चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश-:
प्रात: 10/00 से स्वाति नक्षत्र चरण 2 में
सायं 4/46 से स्वाति नक्षत्र चरण 3 में
रात्रि 11/31 से स्वाति नक्षत्र चरण 4 में
🔥 योग-: व्यतीपात -: व्यतीपात की सम्पूर्ण अवधि को सभी अच्छे कार्यों के लिये अशुभ माना जाता है। इसीलिये यह अच्छे मुहूर्त में वर्जित है।
आज के मुख्य पर्व/भद्रा/पंचक/गन्डमूल आदि
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🪴-: श्री जयंती -: नरसिंह जयंती के दिन विष्णु जी के अवतार भगवान नरसिंह की पूजा की जाती है। अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने नृसिंह रूप में अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया था। इसे भगवान विष्णु का क्रोध अवतार भी कहा जाता है।
श्री छिन्न मस्तिका जयंती -: छिन्नमस्ता दस महाविद्या देवी में से छठी हैं. देवी छिन्नमस्ता को भयंकर और भयावह रूप में दर्शाया गया है. यही कारण है कि इनकी भक्ति मंत्र और तंत्र दोनों तरह से की जाती है. मुख्य रूप से तांत्रिक, योगी और अघोरियों की ये इष्ट देवी होती हैं.
♻️आज की शुभ दिशा -: पूर्व,उत्तर, दक्षिण-पूर्व
♻️ दिशा शूल -: पश्चिम दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर दलिया एवं घी खाकर प्रस्थान करें
आज की ग्रह स्थिति -:
🌷सूर्य -: मेष राशि भरणी नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शुक्र) दोपहर 1/17 से कृत्तिका नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी सूर्य)
🛑मंगल -: कर्क राशि पुष्य नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🌱 बुद्ध -: मेष राशि अश्विनी नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी केतु) प्रात: 6/13 से चरण 3 में
🌕गुरु -: वृष राशि मृगशिरा नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी मंगल)
💃 शुक्र -: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🌊 शनि -: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🎥 राहु-: मीन राशि पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🛐केतु-: कन्या राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी सूर्य)
🤬राहु काल -: सायं 5/30 से 7/00 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य न करें
दैनिक लग्न सारणी -:
प्रात: 5/48 तक मेष
7/43 तक वृष
9/57 तक मिथुन
दोपहर 12/18 तक कर्क
2/35 तक सिंह
सायं 4/52 तक कन्या
7/10 तक तुला
रात्रि 9/29 तक वृश्चिक
11/33 तक धनु
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🙌🙌🙌 जय जय श्री राधे 🙌🙌🙌🙌