वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने एक ऐसा कैमरा बनाया है जो 70 खरब फ्रेम प्रति सेकेंड बना सकता है। इस कैमरे का इस्तेमाल परमाणु संलयन, रेडियोधर्मी अणु क्षय या खगोलीय घटनाओं को पकड़ने के लिए किया जा सकता है। कॉम्प्रेस्ड अल्ट्राफास्ट स्पेक्ट्रल फोटोग्राफी डिवाइस नामक यह कैमरा बहुत सूक्ष्म लेजर कंपन का उत्सर्जन करता है, जो प्रकाश तरंगों में बदलाव को कैप्चर कर सकता है। पलक झपकने के समय में कर देता है काम: पलक झपकाने के समय में सीयूएसपी 70 खरब फ्रेम बना सकता है। इसके साथ शोधकर्ताओं ने अपना ही 10 खरब फ्रेम प्रति सेकंड का रिकॉर्ड तोड़ दिया। यह उपकरण अगली पीढ़ी के सेमी कंडक्टर और जीवन विज्ञान में अनुसंधान के नए द्वार खोलेगा।
कई तेज घटनाओं को नहीं पकड़ पाता: हाल ही में सिलिकॉन सेंसर पर आधारित इमेजिंग प्रौद्योगिकियों ने प्रति सेकंड लाखों फ्रेम तक इमेजिंग गति प्रदान करने में सुधार किया है। हालांकि, वे तेज घटनाओं की समृद्ध विविधता को कैप्चर करने में कम पड़ जाते हैं, जैसे कि अल्ट्राशॉर्ट लाइट प्रॉपेगेशन, न्यूक्लियर फ्यूजन और अणुओं के रेडियोधर्मी क्षय। इन परिघटनाओं का सफल अध्ययन आधुनिक भौतिकी, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान और इंजीनियरिंग की नींव रखता है। पहले इनका अध्ययन करने के लिए पंप प्रोब नामक तकनीक का उपयोग किया। शोधकर्ता जिनयांग लियांग ने कहा कि लेज की अल्ट्रा शॉर्ट तरंगे आंखों से दिखाई नहीं देती। नया कैमरा वक्त को जमा देता है और घट रही घटनाओं को देखने में मदद करता है। इश शोध को पत्रिका नेचर कम्युनिकेशन में प्रकाशित किया गया है।