
भोजपुर के शाहपुर दियारे में गुरुवार को एक पागल हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। हाथी तीन अलग-अलग गांवों में घूम-घूमकर तांडव मचाता रहा। इस दौरान पागल हाथी ने एक अधेड़ को पटक दिया। उसे अपने पैर से भी कुचल दिया। इसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसकी हालत गंभीर बनी है, जिसे पटना रेफर कर दिया गया है।
वहीं हाथी ने एक मवेशी को भी सूंड में लपेट कर उछाल दिया। इस दौरान हाथी ने दर्जनों पेड़ पौधों को उखाड़ दिया। साथ ही खेत में लगी सब्जी सहित अन्य फसलों को रौंद दिया। इस कारण इलाके में अफरातफरी और भगदड़ मची रही। करीब पांच घंटे बाद किसी तरह हाथी को काबू में किया जा सका। तब लोगों ने राहत की सांस ली।
इधर, इस दौरान स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं की गयी। सूचना देने के बाद भी करनामेपुर ओपी पुलिस की ओर से कोई पहल नहीं की गयी। जख्मी अधेड़ ईश्वरपुरा गांव निवासी राजेंद्र सिंह हैं।
सुबह आठ बजे हाथी आया और मचाने लगा उत्पात
बताया जाता है कि गुरुवार की सुबह करीब आठ बजे ईश्वरपुरा गांव से एक हाथी आया और कायस्थ टोला गांव में पेड़ों को उखाड़ना शुरू कर दिया। उसने भगाने का प्रयास कर लोगों पर भी हमला कर दिया। इस कारण भगदड़ मच गयी। इस दौरान हाथी ने बिशुपुर गांव निवासी सिपाही रजक के गधे को सूंड में लपेट हवा में उछाल दिया।
इसके बाद हाथी भाग कर धृतपुरा गांव के बधार में पहुंचा और तांडव मचाने लगा। इसे देख लोग भगाने और उसे काबू में करने का प्रयास करने लगे। लेकिन, हाथी ने हमला कर दिया। भागने के क्रम में ईश्वरपुरा गांव निवासी राजेंद्र सिंह हाथी की चपेट में आ गये। उसे हाथी ने कई बार जमीन पर पटका और बाद में पैरों से दबा दिया। बाद में उसे मृत समझ हाथी अन्य लोगों का पीछा करने लगा।
ग्रामीण जख्मी को इलाज के लिये शाहपुर ले गये। वहां से उन्हें आरा और फिर पटना रेफर कर दिया गया। उसके बाद वही हाथी बिशुपुर गांव के धृतपुरा, कायस्थ टोला, गांव में करीब 50 से अधिक पेड़-पौधों को उखाड़ कर तहस-नहस कर दिया। साथ ही किसानों के खेतों में लगी फसलों और उसके घेराबंदी को भी उखाड़ फेंका। हाथी के उग्र रूप लोग अपने अपने घरों में दुबके रहे।
हाथी पकड़ने वाले विशेषज्ञों की मदद से किया गया काबू
ग्रामीणों ने बताया कि हाथी ने गांव में उत्पात मचाना शुरू कर दिया, तो करनामेपुर ओपी पुलिस को सूचना दी गयी। लेकिन, पुलिस-प्रशासन की ओर से कोई सहयोग नहीं मिलते देख मालिक द्वारा कुछ हाथी पकड़ने वाले विशेषज्ञ लोगों को बुलाया गया। उन लोगों ने ग्रामीणों की मदद से हाथी को घेर कर उसे रस्सी से बांध किसी तरह काबू में किया। तब जाकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। बताया जा रहा है कि हाथी ने करीब पांच घंटे तक उत्पात मचाया। इस दौरान ग्रामीणों की सूचना पर बिजली सप्लाई काट दी गयी थी।