
मौत के बाद जिंदा करने को लेकर तांत्रिक ने की 4 घंटे तक झाड़-फूंक
अंतिम संस्कार रोककर अंधविश्वास में डूबा परिवार
बिजनौर मानव के चांद पर पहुंचने के बाद भी आधुनिक युग में अंधविश्वास का एक नजारा देखने को मिला । जहां एक परिवार मौत के बाद युवक को जिंदा करने के लिए अंतिम संस्कार रोककर तांत्रिक से चार घंटे तक झाड़-फूंक कराता रहा । हार थक कर जब तांत्रिक की 4 घंटे की मेहनत के बाद भी युवक जिंदा नहीं हुआ तो परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया
बिजनौर में रविवार को अंधविश्वास का एक अजीबो गरीब मामला सामने आया। यहां शुक्रवार रात घर में सो रहे युवक की किसी जहरीले कीड़े काटने से अचानक हालत बिगड़ गई। परिजनों ने झाड़ फूंक करने वाले तांत्रिक को दिखाया लेकिन अस्पताल ले जाने पर उसकी मौत हो गई।
परिवार ने अंतिम संस्कार को बीच में ही रोककर चार घंटे तक झाड़ फूंक कराकर युवक को जिंदा करने की कोशिश की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। युवक के जिंदा ना होने पर गांव में तरह- तरह की चर्चाएं होती रही ।
शेरगढ़ निवासी सोनू 28 वर्ष पुत्र किशोरी सिंह शुक्रवार रात घर में सो रहे युवक को किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया। इससे युवक की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने झाड़फूंक करने वाले को बुलाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। आनन फानन में अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। यहां उपचार के दौरान शनिवार शाम को युवक की मौत हो गई।
शनिवार को देर शाम शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। वहीं रविवार की सुबह शव के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी कि अंधविश्वास के चलते रिश्तेदार के कहने पर फिर से इलाज व झाड़ फूंक करने वाले तांत्रिक को बुला लिया गया। तांत्रिक के आने की खबर गांव में फैल गई। देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीण शमसान घाट पर तंत्र विद्या देखने के लिए पहुंच गए।
तांत्रिक ने गांव से बाहर बने शमशान में अपनी तांत्रिक विद्या से मृत सोनू को जीवित करने के लिए करीब चार घंटे तक भरसक प्रयास किया, लेकिन मृत शरीर मे कोई हरकत नही हुई। चार घंटे चली तंत्र विद्या के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने गांव के बाहर शमशान घाट पर मृतक के शव को दफन कर दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी नीतू व दो वर्षीय बेटी को बिलखता छोड़ गया।