ब्यूरो,
जिसने खुद की मौत का नाटक रचा, वह १० साल बाद अब जिंदा गिरफ्तार
हत्या के आरोपी खुद की मौत का नाटक रचा,चिता पे लेट के पहले फ़ोटो खिंचवाई फिर उस पे बकरा रख के जला दिया।
फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया जिससे अदालत में केस बंद हो गया पुलिस में १० साल बाद अब जिंदा गिरफ्तार किया है।
यूपी के मऊ में योगेश सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले में आरोपी राजू उर्फ राजकुमार राजभर ने दोस्तों के कहने पर सजा से बचने के लिए अपनी मौत का ऐसा नाटक रचा कि पुलिस और न्यायिक व्यवस्था दोनों गच्चा खा गए!आरोपी ने अर्थी सजाई, अंतिम शवयात्रा निकाली और श्मशान घाट पर चिता की तस्वीरें खिंचवाईं। ऐन वक्त पर अपनी जगह बकरा रख कर चिता जला दी!इसके बाद फर्जी दस्तावेजों और चिता पर लेटे शव की तस्वीर के सहारे नगर पालिका से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करा लिया!प्रमाण पत्र कोर्ट में पेश होते ही हत्या का मुकदमा बंद हो गया।
पुलिस के अनुसार, 19 दिसंबर 2016 को मुंशीपुरा रेलवे लाइन के पास योगेश सिंह की हत्या हुई थी। कोतवाली नगर थाने में राजू और उसके साथी सुदर्शन राजभर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। ट्रायल के दौरान सजा के डर से 30 मई 2025 को गाजीपुर में राजू ने मौत का नाटक किया। बकरे की देह जलाई गई, अंतिम संस्कार के दस्तावेज तैयार कराए गए और मऊ नगर पालिका से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र हासिल कर कोर्ट में पेश किया गया। आरोपी कम पढ़ा-लिखा होने के बावजूद ट्रेडिंग का कारोबार करता था और निवेश के नाम पर लोगों से पैसे लेने का आरोप है। कुछ रिपोर्टों में दो होम्योपैथिक डॉक्टरों की सलाह का भी जिक्र है।करीब डेढ़ साल तक साधु के भेष में फरार रहने के बाद रविवार को ख्वाजाजहांपुर इलाके से कोतवाली नगर पुलिस और एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब उसके खिलाफ फर्जी दस्तावेज और खुद को मृत दर्शाने के आरोप में नया केस दर्ज किया गया है। जांच जारी है।