ब्यूरो,
गौतम बुद्धनगर की डीएम मेधा रूपम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत !!
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर आंशिक रोक (स्थगन) लगा दी है, जिसमें उनके वेतन से 5 लाख रुपये का मुआवजा वसूलने का निर्देश दिया गया था.
सुप्रीम कोर्ट में गौतम बुद्धनगर की डीएम मेधा रूपम की याचिका पर सुनवाई के दौरान ऑडियो को म्यूट कर दिया गया था. उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है.
मामला अप्रैल में नोएडा में हुए मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा आकृति चौधरी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA/रासुका) के तहत की गई कार्रवाई से जुड़ा है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को एनएसए हिरासत को रद्द करते हुए डीएम मेधा रूपम की आलोचना की थी और व्यक्तिगत वेतन से 5 लाख रुपये का मुआवजा छात्रा को देने का आदेश दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजे की राशि व्यक्तिगत तौर पर डीएम से वसूलने वाले निर्देश पर रोक लगा दी है. अदालत ने टिप्पणी की कि पूरी प्रक्रिया में कई स्तरों पर अधिकारी शामिल थे, इसलिए अकेले डीएम को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को तय की गई है…